नई शिक्षा नीति और नियमावली 2026 के खिलाफ बड़ा विरोध
रांची- झारखंड में नई शिक्षा नीति 2020 और प्रस्तावित नियमावली 2026 को लेकर वित्त रहित स्कूल-कॉलेजों का विरोध तेज हो गया है। राज्यभर से आए 500 से अधिक प्राचार्य, प्रधानाचार्य और शिक्षक प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोई भी वित्त रहित संस्था दोबारा प्रस्वीकृति के लिए आवेदन नहीं देगी।
बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार पहले ही नियमावली बनाकर इन संस्थाओं को प्रस्वीकृति दे चुकी है, ऐसे में पुनः प्रस्वीकृति की मांग का कोई औचित्य नहीं है।
10 हजार शिक्षक-कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी
मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नई शर्तों को जबरन लागू करती है तो राज्य के 10 हजार शिक्षक और कर्मचारी रांची की सड़कों पर उतरेंगे।
बैठक में कहा गया कि जिस तरह सरकारी विद्यालयों को उत्क्रमित किया गया है, उसी तरह वित्त रहित 600 संस्थाओं को भी सीधे 9वीं से 12वीं तक अपग्रेड किया जाए।

जमीन, लैब और सुरक्षा कोष की शर्तों का विरोध
प्राचार्यों ने नई नियमावली में रखी गई जमीन, प्रयोगशाला और पुस्तकालय संबंधी शर्तों का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में भी 1000-1000 वर्गफुट की चार प्रयोगशालाएं और बड़े पुस्तकालय नहीं हैं, फिर यह शर्त केवल वित्त रहित संस्थानों पर क्यों थोपी जा रही है।
बैठक में सामान्य क्षेत्र के लिए 6 लाख और जनजातीय क्षेत्र के लिए 4 लाख रुपये सुरक्षा कोष जमा करने की शर्त का भी जोरदार विरोध किया गया।
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सरकार पर संस्थाओं को समाप्त करने का आरोप
मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग वित्त रहित संस्थाओं को समाप्त करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पष्ट उल्लेख है कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। ऐसे में संस्थानों को बंद करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के खिलाफ होगा।

आंदोलन के लिए घोषित किए गए कार्यक्रम
बैठक में आंदोलन को लेकर कई बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की गई।
- 2 जून 2026 को सभी 600 स्कूल-कॉलेजों में नियमावली ड्राफ्ट की प्रतियां जलाई जाएंगी।
- 12 जून 2026 को रांची के लोक भवन के सामने महाधरना दिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास और राजभवन घेराव भी किया जाएगा।
मोर्चा ने समिति के संयोजक सुवेंदु कुमार को हटाने की मांग भी उठाई।
बैठक में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद
बैठक में राज्यभर के प्राचार्य, शिक्षक प्रतिनिधि और मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर पाठक ने की जबकि मंच संचालन गणेश महतो ने किया।
अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि “झारखंड माध्यमिक विद्यालय सेकेंडरी क्लास 9 से 12 स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति नियमावली 2026” का जोरदार विरोध किया जाएगा और इसे कैबिनेट से पास नहीं होने दिया जाएगा।
