झारखंड में 223 स्कूल-कॉलेजों का अनुदान रुका, मंत्रियों-विधायकों ने उठाई आवाज

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर रोज़गार समाचार

रांची- झारखंड में इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों को मिलने वाले अनुदान में कटौती का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के एक दर्जन मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री Hemant Soren को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में काटे गए अनुदान को जल्द बहाल करने की मांग की है।

किसने उठाई आवाज
पत्र लिखने वालों में मंत्री संजय प्रसाद यादव, विधायक दल के नेता सुरेश पासवान, विपक्ष के सचेतक नागेंद्र महतो समेत कई विधायक शामिल हैं। इन जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

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क्या है पूरा मामला
पत्र में बताया गया है कि राज्य के 223 स्कूल और कॉलेजों का अनुदान बिना ठोस कारण के रोक दिया गया है। ये संस्थान पिछले 25–30 वर्षों से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और यहां कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिलता। वे साल में मिलने वाले सरकारी अनुदान पर ही निर्भर रहते हैं।

शिक्षकों पर असर
अनुदान बंद होने से लगभग 7000 से 8000 शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। महंगाई के इस दौर में उनके सामने जीवन यापन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

छात्रों की पढ़ाई पर खतरा
इन संस्थानों में करीब 4 लाख गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने आशंका जताई है कि अनुदान नहीं मिलने पर इन छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है।

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धरना और विरोध जारी
विधायकों ने बताया कि शिक्षक और कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 अप्रैल 2026 को भी इस मुद्दे को लेकर घेराव किया गया था। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने सभी प्रक्रिया पूरी ईमानदारी से पूरी की है, इसके बावजूद अनुदान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री से क्या मांग
मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कटे हुए अनुदान को तुरंत जारी किया जाए ताकि शिक्षण संस्थान सुचारू रूप से चल सकें और गरीब बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।

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