Jharkhand NEP 2020: अनुदानित स्कूल-कॉलेजों में 9वीं-12वीं तक पढ़ाई शुरू करने पर मंथन तेज, 25 मई को बड़ी बैठक
झारखंड में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में राज्य के वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों में कक्षाओं के विस्तार को लेकर विभागीय स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं। अब 25 मई 2026 को रांची के धुर्वा स्थित सर्वोदय बाल निकेतन में राज्यस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
प्रमुख बातें
- नई शिक्षा नीति 2020 लागू करने की तैयारी तेज
- 19 मई को विभागीय कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
- 9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं की पढ़ाई विस्तार पर चर्चा
- 25 मई को धुर्वा में मोर्चा की बड़ी बैठक बुलाई गई
- स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालयों को लाभ देने पर भी होगा विमर्श
नई शिक्षा नीति को लेकर विभागीय स्तर पर तेज हुई प्रक्रिया
राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में 19 मई 2026 को विभागीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 1 बजे समाप्त हुई। बैठक में वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेजों और उच्च विद्यालयों में कक्षाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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बताया गया कि जिन इंटर कॉलेजों में वर्तमान में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई होती है, वहां 9वीं और 10वीं की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार हुआ। वहीं, जिन विद्यालयों में अभी 9वीं और 10वीं की पढ़ाई संचालित हो रही है, वहां 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू करने पर भी चर्चा की गई।
मोर्चा ने प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों से सतर्क रहने की अपील की
मोर्चा की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि सभी प्राचार्य और प्रधानाचार्य इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और बैठकों में सक्रिय भागीदारी करें। मोर्चा ने यह भी कहा कि कई संस्थान नई शिक्षा नीति का लाभ तो चाहते हैं, लेकिन बैठक में शामिल नहीं होते, जिससे सामूहिक निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
इसके पहले 16 मई 2026 को आयोजित मोर्चा की बैठक में भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उस दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों ने कई सुझाव दिए थे, जिन्हें अलग-अलग माध्यमों से विभागीय कमेटी तक पहुंचाया गया।
तीन-चार दिनों में फिर होगी विभागीय बैठक
सूचना के अनुसार, विभागीय कमेटी की अगली बैठक अगले तीन-चार दिनों में फिर आयोजित हो सकती है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कई अहम फैसलों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में मोर्चा अब विभागीय निर्णयों की समीक्षा के लिए अलग बैठक करने जा रहा है।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई संस्थान भविष्य में नई शिक्षा नीति के लाभ से वंचित रह जाता है और उसने समय पर बैठकों में अपनी बात नहीं रखी, तो इसके लिए मोर्चा जिम्मेदार नहीं होगा।
25 मई को धुर्वा में होगी राज्यस्तरीय बैठक
मोर्चा ने 25 मई 2026 को सुबह 11 बजे से सर्वोदय बाल निकेतन, धुर्वा में राज्य के सभी वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई है।
इस बैठक में स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालयों को भी नई शिक्षा नीति के लाभ से जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा होगी। साथ ही यह भी समीक्षा की जाएगी कि अब तक विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है, आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और इसमें मोर्चा की भूमिका क्या रहेगी।
कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने किया समर्थन
इस अपील और बैठक आयोजन में कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, मनीष कुमार, अरविंद सिंह, देवनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, गणेश महतो, मनोज तिर्की, विनय उरांव, संजय कुमार, पशुपति महतो, रेशमा बेक, डालेश चौधरी, बिरसो उरांव और रणजीत मिश्रा सहित कई प्रतिनिधियों ने समर्थन जताया है।
