बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप: पूर्व नौकरशाह ने अशोकनगर में खरीदा 7.5 करोड़ का भूखंड-मकान, JSSC से जुड़े लेनदेन की जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक पूर्व नौकरशाह की कथित संपत्ति और रांची के अशोकनगर में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये के भूखंड-मकान के कथित सौदे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संपत्ति की जांच कराने और आय के स्रोत का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
प्रमुख बातें
- बाबूलाल मरांडी ने पूर्व नौकरशाह की कथित संपत्ति को लेकर सवाल उठाए।
- अशोकनगर में करीब 7.5 करोड़ रुपये के भूखंड-मकान के कथित सौदे का दावा।
- पूर्व नौकरशाह के पास पहले से संपत्ति होने की भी चर्चा का जिक्र।
- मरांडी ने संपत्ति के आय स्रोत की जांच की मांग की।
- JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच से कथित लेनदेन के संबंध की जांच की मांग।
- कहा- वैध संपत्ति है तो हिसाब देने में डर कैसा?
अशोकनगर में 7.5 करोड़ के सौदे का दावा
बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अपनी कथित गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे एक पूर्व नौकरशाह ने रांची के अशोकनगर में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये के बड़े भूखंड-मकान का सौदा किया है।
हालांकि, मरांडी के पोस्ट में इस कथित संपत्ति सौदे से जुड़े दस्तावेज या स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले से संपत्ति होने का भी उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि संबंधित पूर्व नौकरशाह के पास रांची में पहले से ही भव्य मकान और कई नामी-बेनामी जमीनें होने की चर्चाएं रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने संपत्ति के स्रोत और आय के अनुपात को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए सरकारी नौकरी जनसेवा के बजाय “कुबेर का खजाना” साबित होती दिखाई देती है।
JSSC नियुक्ति घोटाले से जोड़कर जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में सबसे गंभीर सवाल JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच को लेकर उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह जांच कराने की मांग की कि अशोकनगर में हुए कथित संपत्ति सौदे की रकम का किसी तरह से JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच या उससे जुड़े कथित लेनदेन से कोई संबंध तो नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर यह सामने आना चाहिए कि इतनी बड़ी संपत्ति के लिए धन का स्रोत क्या है।
“वैध कमाई है तो हिसाब देने में डर कैसा?”
मरांडी ने कहा कि यदि संपत्ति वैध कमाई से अर्जित की गई है, तो उसके स्रोत का हिसाब देने में किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए। वहीं, यदि हिसाब देने में परेशानी है तो यह सवाल और गंभीर हो जाता है।
उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सरकार से जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड की जनता को केवल छवि या ईमानदारी के प्रमाणपत्र नहीं चाहिए, बल्कि बड़ी संपत्तियों के पीछे मौजूद धन के स्रोत का स्पष्ट हिसाब चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि सत्ता और पद बदल सकते हैं, लेकिन यदि किसी संपत्ति को लेकर सवाल उठते हैं तो उसके स्रोत की जांच जरूरी है।
