गुवा गोलीकांड की 46वीं बरसी पर जयराम महतो ने शहीदों को किया नमन, बोले- आज भी अधूरे हैं सपने
पश्चिमी सिंहभूम के ऐतिहासिक गुवा गोलीकांड की 46वीं बरसी पर डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ गुवा पहुंचे। उन्होंने गोलीकांड के शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया।
प्रमुख बातें
- गुवा गोलीकांड की 46वीं बरसी पर जयराम महतो गुवा पहुंचे।
- शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
- 8 सितंबर 1980 को पुलिस फायरिंग में 11 आदिवासी प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।
- प्रदर्शनकारी जल, जंगल, जमीन और खदानों में रोजगार के अधिकार की मांग को लेकर जुटे थे।
- जयराम महतो ने कहा कि शहीदों के सपने आज भी अधूरे हैं।
- उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार, अत्याचार और शोषण को लेकर चिंता जताई।
‘शहीदों की कुर्बानी कभी भुलाई नहीं जा सकती’
जयराम महतो ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए बलिदान देने वाले वीरों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी कुर्बानी और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि गुवा गोलीकांड के बाद झारखंड आंदोलन को नई गति मिली और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर संघर्ष और तेज हुआ।
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‘शहीदों के सपने आज भी अधूरे’
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बावजूद शहीदों के सपने पूरी तरह साकार नहीं हुए हैं। उनके मुताबिक, आज भी राज्य में पलायन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अत्याचार और शोषण जैसे मुद्दे गंभीर बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए लोगों ने अपना बलिदान दिया, उन मुद्दों पर आज भी संघर्ष जारी है। ऐसे में शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
8 सितंबर 1980 को हुआ था गुवा गोलीकांड
गुवा गोलीकांड को झारखंड के अलग राज्य आंदोलन के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। 8 सितंबर 1980 को गुवा में आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। प्रदर्शनकारी जल, जंगल, जमीन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए थे।
जयराम महतो ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि
जयराम महतो ने झारखंड के लिए बलिदान देने वाले सभी शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि झारखंड के वीर शहीद अमर रहें।
