JSSC-CGL विवाद पर बयान देते पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन

JSSC-CGL पर चंपाई का बड़ा खुलासा, बोले- ‘हाफ टाइम’ में ही हटा दिया गया

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JSSC-CGL विवाद पर चंपाई सोरेन का बड़ा बयान, बोले- SIT जांच शुरू की थी, रिपोर्ट से पहले हटा दिया गया

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भी JSSC-CGL से जुड़ा मामला सामने आया था और उन्होंने तत्काल SIT गठित कर जांच की कार्रवाई शुरू कराई थी।

चंपाई सोरेन ने कहा कि, SIT की रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल को लेकर तंज कसते हुए कहा कि वह तो ‘हाफ टाइम’ में मुख्यमंत्री बने थे और थोड़े समय बाद ही उन्हें पद से हटा दिया गया।

प्रमुख बातें

  • चंपाई सोरेन ने JSSC-CGL मामले पर अपने कार्यकाल का जिक्र किया
  • उनके मुताबिक, मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था
  • दावा किया कि SIT की रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें CM पद से हटा दिया गया
  • अपने कार्यकाल को लेकर चंपाई सोरेन ने ‘हाफ टाइम’ वाला तंज कसा
  • JSSC-CGL विवाद के बीच बयान से सियासी हलचल बढ़ी

JSSC-CGL मामले पर चंपाई सोरेन का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, उस दौरान भी JSSC-CGL से जुड़ा मामला सामने आया था। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत SIT का गठन कराया और जांच की प्रक्रिया शुरू कराई।

उनके मुताबिक, जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने से पहले ही मुख्यमंत्री के पद से उन्हें हटा दिया गया।

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‘हाफ टाइम’ CM वाला तंज

चंपाई सोरेन ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को लेकर तंज करते हुए कहा कि वह ‘हाफ टाइम’ में मुख्यमंत्री बने थे। उनका कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के थोड़े समय बाद ही पद से हटा दिया गया।

उनके इस बयान को JSSC-CGL मामले की जांच और उनके छोटे कार्यकाल के राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर देखा जा रहा है।

JSSC-CGL विवाद फिर चर्चा में

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर छात्रों तथा राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी बीच चंपाई सोरेन का यह बयान मामले को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।

JSSC-CGL मामले में जांच और कार्रवाई को लेकर छात्रों की ओर से भी लगातार पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब की मांग उठाई जा रही है।

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चंपाई के बयान से उठे सवाल

चंपाई सोरेन के बयान के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि उनके कार्यकाल में गठित SIT की जांच किस स्तर तक पहुंची थी और उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ। हालांकि, इन बिंदुओं पर चंपाई सोरेन के बयान के अलावा इस रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

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