JPSC JSSC मामले में कांके रोड कनेक्शन को लेकर सवाल उठाते बाबूलाल मरांडी

‘कांके रोड कनेक्शन’! बाबूलाल मरांडी ने खोला JPSC-JSSC का बड़ा राज?

झारखंड/बिहार विधानसभा चुनाव

‘कांके रोड कनेक्शन’ को लेकर बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, JPSC-JSSC घोटाले पर सरकार से पूछे तीखे सवाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ‘बिहार कनेक्शन’ और ‘बंगाल कनेक्शन’ जैसे सवालों पर पलटवार करते हुए कई अधिकारियों और कथित आरोपों का जिक्र किया तथा पूरे मामले में ‘कांके रोड कनेक्शन’ की बात उठाई है।

प्रमुख बातें

  • बाबूलाल मरांडी ने ‘बिहार कनेक्शन’ के सवाल पर पलटवार किया।
  • JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
  • कई अधिकारियों की नियुक्ति और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए।
  • ‘कांके रोड कनेक्शन’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से सवाल किया।
  • CID और ACB की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।
  • ‘बंगाल कनेक्शन’ के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।

‘बिहार कनेक्शन’ पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार

बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के अपराध के आधार पर पूरे राज्य या जिले को बदनाम करना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि यदि देवघर के अभय तिवारी पर JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप हैं, तो इसका बदला पूरे देवघर से कैसे लिया जा सकता है।

उन्होंने इसी तरह गिरिडीह के एक जिलाध्यक्ष से जुड़े कथित नौकरी वसूली के ऑडियो का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या इसके लिए पूरा गिरिडीह या पूरी झामुमो जिम्मेदार होगी।

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‘कनेक्शन’ की राजनीति पर उठाया सवाल

बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि यदि किसी राजनीतिक नेता के परिवार से जुड़े व्यक्ति का नाम कथित वसूली मामले में आता है और उसके पीएस की गिरफ्तारी होती है, तो क्या इसके लिए पूरी रांची या पूरी पार्टी को जिम्मेदार माना जाएगा।

उन्होंने पलामू के रवि मास्टर, हजारीबाग के लालू यादव और बोकारो के सानंद प्रकाश समेत कई नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि ये लोग CID की जांच के दायरे में हैं, तो क्या उनके जिलों को भी इसी तरह किसी ‘कनेक्शन’ से जोड़ा जाएगा।

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‘कांके रोड कनेक्शन’ का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने इसके बाद JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में कई अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि JPSC का अध्यक्ष एल. ख्यांगते को किसने बनाया और JSSC का अध्यक्ष नीरज सिन्हा किसके निर्णय से नियुक्त हुए।

उन्होंने विनोद सिंह और अनुराग गुप्ता की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। मरांडी ने आरोप लगाया कि कुछ नियुक्तियां और फैसले कथित तौर पर परीक्षा घोटालों की जांच को प्रभावित करने के लिए किए गए।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि इन सभी सवालों के जवाब तलाशने पर एक ही जवाब सामने आता है—‘कांके रोड का कनेक्शन।’

CID जांच को लेकर भी सरकार पर निशाना

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि CID की जांच को गलत दिशा में मोड़ने और कथित घोटालों की जांच में अनियमितता के बावजूद कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने सवाल किया कि नीरज सिन्हा के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही सुधीर गुप्ता के पद पर बने रहने और प्रशांत कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

अनुराग गुप्ता पर लगाए गंभीर आरोप

मरांडी ने अनुराग गुप्ता को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अनुराग गुप्ता ACB से दस्तावेज लेकर चले गए और ACB के कंप्यूटर का डाटा भी निकालकर ले गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए शराब घोटाले और JSSC घोटाले से जुड़े साक्ष्यों को कथित तौर पर नष्ट किया गया। हालांकि, ये आरोप बाबूलाल मरांडी के बयान के तौर पर ही सामने आए हैं और इनके स्वतंत्र सत्यापन की जरूरत है।

‘इन अधिकारियों को किसका संरक्षण?’

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि जिन अधिकारियों पर वह आरोप लगा रहे हैं, उन्हें आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने पूछा कि इन अधिकारियों की गिरफ्तारी और उनके कथित तौर पर सच सामने लाने से आखिर कौन डर रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कांके रोड और मुख्यमंत्री के बीच कथित कनेक्शन को लेकर भी सवाल खड़ा किया।

‘बंगाल कनेक्शन’ पर भी सरकार को घेरा

बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल के नियामतपुर में कथित तौर पर प्रश्नपत्र रटवाए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए पूछा कि यदि ऐसे मामलों में किसी राज्य का नाम लिया जा सकता है, तो ‘बंगाल कनेक्शन’ का नाम लेने से डर क्यों लगता है।

उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए तथा जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।

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