रांची में बिजली संकट पर गरमाई राजनीति
रांची- झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों गंभीर बिजली संकट से जूझ रही है। लगातार घंटों की बिजली कटौती ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए हैं।
इस मुद्दे को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने मुख्यमंत्री Hemant Soren और राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
“जनता अंधेरे में, सरकार आराम में”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बिजली कटौती से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग अंधेरे और गर्मी में परेशान हैं, जबकि मुख्यमंत्री और सरकार के बड़े अधिकारी जनरेटर और AC की सुविधा में आराम कर रहे हैं।
अपराध बढ़ने की जताई आशंका
मरांडी ने कहा कि लगातार अंधेरा रहने से अपराध और असामाजिक गतिविधियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से तुरंत स्थिति सुधारने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जनता टैक्स इसलिए देती है ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिल सकें, लेकिन राजधानी में ही लोग बिजली जैसी जरूरी सुविधा के लिए परेशान हैं।
ऊर्जा मंत्री बदलने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बिजली विभाग संभल नहीं रहा है, तो किसी योग्य और अनुभवी विधायक को ऊर्जा मंत्री बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने पूरे झारखंड में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
“RSS को देशभक्त बताकर मरांडी ने कांग्रेस को सीधी चुनौती दे डाली”
झारखंड में बिजली संकट बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
रांची समेत कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, जबकि जनता भी बिजली संकट से राहत की मांग कर रही है।
