आदिवासी समागम पर कांग्रेस को मरांडी का करारा जवाब
दिल्ली में होने वाले आदिवासी समागम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा कार्यक्रम का विरोध किए जाने पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने गढ़वा दौरे के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में हर सामाजिक और राजनीतिक संगठन को अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन, सम्मेलन और जुलूस निकालने का अधिकार है। ऐसे में आदिवासी समाज के कार्यक्रम का विरोध करना समझ से परे है।
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“कांग्रेस की दुकानदारी बंद होने से बढ़ी बेचैनी”
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि देशभर में अपनी “दुकानदारी बंद होने” से कांग्रेस चिंतित और हताश हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आदिवासी समागम के आयोजन से कांग्रेस के “पेट में दर्द” क्यों हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति सुरक्षा मार्च आदिवासी समाज के अधिकारों और सुरक्षा की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। अगर आदिवासी समाज अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रख रहा है, तो कांग्रेस को इसका विरोध नहीं करना चाहिए।
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RSS पर भी मरांडी ने दिया बड़ा बयान
आरएसएस को लेकर उठे सवालों पर भी बाबूलाल मरांडी ने खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई विदेशी या देशद्रोही संगठन नहीं, बल्कि देशभक्तों का संगठन है।
मरांडी ने कहा कि यदि कोई संगठन RSS से जुड़ना चाहता है, तो इसका स्वागत होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
दिल्ली से झारखंड तक गरमाई राजनीति
आदिवासी समागम को लेकर अब झारखंड से लेकर दिल्ली तक सियासी माहौल गर्म हो चुका है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।
