शिक्षकों का अल्टीमेटम: 25 अप्रैल तक आदेश नहीं तो CM आवास घेराव

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झारखंड: अनुदान कटौती के विरोध में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, मई में CM आवास घेराव की चेतावनी

25 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं तो होगा घेराव

रांची: झारखंड में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के अनुदान कटौती को लेकर शिक्षक संगठनों ने बड़ा निर्णय लिया है।
स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यदि 25 अप्रैल 2026 तक अपीलीय आवेदन के लिए विभागीय विज्ञप्ति जारी नहीं होती है, तो मई के पहले सप्ताह में हजारों शिक्षक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

राज्य स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

दरअसल, यह निर्णय सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय में आयोजित बैठक में लिया गया।
इस बैठक में राज्यभर से इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।

इसके अलावा, सभी ने एक स्वर में आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।

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 28 अप्रैल को होगी अहम बैठक

इसके बाद, 28 अप्रैल 2026 को अध्यक्ष मंडल की बैठक आयोजित की जाएगी।
इसी बैठक में मुख्यमंत्री आवास घेराव की अंतिम तिथि घोषित की जाएगी।

CM को सौंपा जाएगा ज्ञापन

दूसरी ओर, आधा दर्जन से अधिक विधायक और मंत्री 21 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र सौंपेंगे।
इस पत्र में 223 संस्थाओं के अनुदान कटौती पर सवाल उठाया जाएगा।

साथ ही, उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की जाएगी।

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अनुदान बहाली और वृद्धि की मांग

बैठक में यह भी तय किया गया कि:

  • 30 अप्रैल 2026 को विधायकों और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा
  • 75% अनुदान वृद्धि पर कैबिनेट की सहमति मांगी जाएगी
  • राज्य कर्मी का दर्जा देने की प्रक्रिया तेज करने की मांग होगी

शिक्षकों ने लगाया साजिश का आरोप

हालांकि, प्राचार्यों और शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी जानबूझकर अनुदान बंद करने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा कि 10,000 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी इसे सफल नहीं होने देंगे।

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महिला शिक्षकों की भी कड़ी प्रतिक्रिया

गुमला, सिमडेगा, खुंटी, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम से आई महिला शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना है कि अल्पसंख्यक, इंटर कॉलेज और मदरसा विद्यालयों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है।

इसके परिणामस्वरूप, लगभग 90% संस्थाएं अनुदान से वंचित हो गई हैं।

चार लाख छात्रों की पढ़ाई पर असर

शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे राज्य के करीब 4 लाख बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
इसके बावजूद, साल में मिलने वाला एकमात्र अनुदान भी काटा जा रहा है।

इससे शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।

संघर्ष के लिए तैयार मोर्चा

बैठक में कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया और आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रमंडल स्तर पर टीम गठित

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए प्रमंडलवार टीमों का गठन कर दिया गया है।
इन टीमों का दौरा 25 अप्रैल से शुरू होगा।

बैठक का संचालन और नेतृत्व

बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर पाठक ने की, जबकि संचालन गणेश महतो ने किया।
अंत में, मोर्चा नेताओं ने कहा कि 223 संस्थाओं का अनुदान लेकर ही आंदोलन समाप्त होगा।

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