शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन, झामुमो परिवार शोक में डूबा
प्रमुख बिंदु
झारखंड के शिक्षा मंत्री और घाटशिला विधायक रामदास सोरेन का निधन
झारखंड आंदोलन में निभाई थी अग्रणी भूमिका
झामुमो परिवार और राज्य के लोग शोक में
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जताया गहरा दुख
पूर्व शिक्षा मंत्री के निधन से झारखंड शोक में
झारखंड सरकार को गहरा झटका तब लगा जब राज्य के शिक्षा मंत्री और घाटशिला से विधायक रामदास सोरेन का निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने पूरे झामुमो परिवार और राज्य की जनता को स्तब्ध कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “पहले बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने सशरीर हमारा साथ छोड़ा और अब रामदास दा भी हमारे साथ नहीं हैं। यह क्षण मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है।”
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झामुमो का मजबूत स्तंभ थे रामदास सोरेन
स्वर्गीय रामदास सोरेन को झामुमो परिवार का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था। उन्होंने न केवल घाटशिला बल्कि पूरे झारखंड की जनता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें याद करते हुए कहा कि “झारखंड आंदोलन में उनकी क्रांतिकारी और अग्रणी भूमिका कभी भुलाई नहीं जा सकती। वे भीतर से अत्यंत सौम्य और सरल व्यक्ति थे।”
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शोषित-वंचित समाज के लिए हमेशा रहे सजग
रामदास सोरेन का राजनीतिक जीवन हमेशा शोषित और वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा को समर्पित रहा। वे लगातार उनके हक-अधिकारों के लिए सजग, चिंतित और प्रयत्नशील रहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज झारखंड के नौनिहाल भी उदास होंगे क्योंकि उनके “रामदास चाचा” अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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प्रेरणा बनकर जीवित रहेंगे रामदास सोरेन
मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व रामदास दा आज हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनका महान व्यक्तित्व और जीवन संघर्ष झारखंड के लोगों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा झामुमो परिवार शोकाकुल परिजनों के साथ खड़ा है।
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दिवंगत आत्मा की शांति की कामना
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मरांग बुरु से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारजनों को इस कठिन घड़ी को सहने की शक्ति दें। अंत में उन्होंने कहा –
“महान आंदोलनकारी रामदास सोरेन अमर रहें।”
