झारखंड में शिक्षकों की लंबित मांगों पर मोर्चा सख्त, MACP से लेकर वेतनमान तक उठी आवाज; चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
रांची, 28 अगस्त: झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों की लंबित सेवा-सुविधाओं, आर्थिक अधिकारों और विद्यालयों में शिक्षक संकट को लेकर सरकार से तत्काल पहल की मांग की गई।
मोर्चा ने MACP, उत्क्रमित वेतनमान, TET, शिक्षकों की नियुक्ति समेत सात प्रमुख मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
प्रमुख बातें
- सभी शिक्षकों को MACP का लाभ देने की मांग।
- छठे वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान लागू करने की मांग।
- JPSC की सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में शिक्षकों को पूर्व की तरह अवसर देने की मांग।
- अवर शिक्षा सेवा और राज्य शिक्षा सेवा के 50 प्रतिशत पद शिक्षकों के लिए आरक्षित करने की मांग।
- प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक संकट दूर करने की अपील।
- 2010 से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को TET की बाध्यता से मुक्त करने की मांग।
- विद्यालय विकास और मध्याह्न भोजन की राशि का नियमित भुगतान करने की मांग।
- अवकाश के दौरान वेतन नहीं रोकने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग।
- मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन का निर्णय।
रांची में शिक्षक मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक
झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा की बैठक रांची के अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी स्थित शांति निवास में हुई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के संयोजक डॉ. सुधांशु कुमार सिंह ने की। इस दौरान राज्य के शिक्षकों से जुड़े लंबित सेवा-सुविधाओं, आर्थिक अधिकारों और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी सहित विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद और प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि शिक्षकों को उनके न्यायसंगत अधिकार मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
MACP और उत्क्रमित वेतनमान की मांग
मोर्चा ने शिक्षकों को MACP का लाभ नहीं दिए जाने के विभागीय आदेश पर सवाल उठाया। संगठन का कहना है कि न्यायालय के आदेश के विपरीत शिक्षकों को इस सेवा लाभ से वंचित रखना आर्थिक अन्याय है।
साथ ही छठे वेतन आयोग 2006 की अनुशंसा के अनुरूप लंबित उत्क्रमित वेतनमान का लाभ देने तथा संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई।
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JPSC की सीमित परीक्षा में शिक्षकों को अवसर देने की मांग
शिक्षक मोर्चा ने JPSC द्वारा आयोजित सीमित उप समाहर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में शिक्षकों को पूर्व की भांति अवसर देने की मांग उठाई है। इसके अलावा अवर शिक्षा सेवा और राज्य शिक्षा सेवा के 50 प्रतिशत पदों को शिक्षकों के लिए आरक्षित करने की मांग की गई।
मोर्चा का कहना है कि सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य में वर्षों से रिक्त पदों को जल्द भरा जा सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जिलास्तर पर अलग-अलग परीक्षा का विरोध
मोर्चा ने JCERT द्वारा आयोजित मासिक RAIL परीक्षा के अतिरिक्त कुछ जिलों में जिला स्तर के पदाधिकारियों द्वारा अलग से परीक्षा आयोजित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
संगठन ने कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन रिपोर्टिंग के लिए शिक्षकों को बाध्य किए जाने की व्यवस्था पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। मोर्चा के मुताबिक, इससे राज्य में एक समान और व्यवस्थित शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक संकट पर चिंता
बैठक में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को गंभीर मुद्दा बताया गया। मोर्चा ने कहा कि राज्य के अधिकांश प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कई जगह सिर्फ एक या दो शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही है।
मोर्चा ने सरकार से पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही तत्काल व्यवस्था के तौर पर आवश्यकता के अनुसार घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति का सुझाव दिया गया, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार और विद्यालयों को शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट की मांग
शिक्षक मोर्चा ने 2010 से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को सेवा के अंतिम चरण में TET की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। संगठन ने तमिलनाडु सरकार के समान झारखंड में भी अध्यादेश जारी करने की मांग रखी।
स्कूल फंड और शिक्षकों के वेतन को लेकर भी उठी आवाज
मोर्चा ने विद्यालय विकास राशि और मध्याह्न भोजन की राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा अंडा और फल के लिए वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप राशि बढ़ाने की मांग भी बैठक में रखी गई।
शिक्षकों के अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश और पितृत्व अवकाश के दौरान वेतन स्थगित नहीं करने तथा समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
बैठक में मोर्चा से जुड़े सभी घटक शिक्षक संघों ने सर्वसम्मति से विभिन्न लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रस्ताव पारित किया। संगठन ने सरकार से तत्काल सकारात्मक पहल और समयबद्ध समाधान की मांग की।
मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों को उनके न्यायसंगत अधिकार दिए बिना राज्य में गुणवत्तापूर्ण और NEP 2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। मांगों के समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश संयोजक अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास, आशुतोष कुमार, सुमेश कुमार मिश्रा, पंकज कुमार, राकेश श्रीवास्तव, अजय कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
वहीं, ऑनलाइन माध्यम से अशोक कुमार मिश्रा, मंगलेश्वर उरांव, शैलेन्द्र सुमन और मुमताज अहमद ने भी मांगों का समर्थन किया और आगे की कार्ययोजना बनाने पर सहमति जताई।
