स्वतंत्रता दिवस पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश, JPSC-JSSC परीक्षाओं और नियुक्तियों पर कही बड़ी बात
रांची के मोरहाबादी मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया। अपने संबोधन में उन्होंने झारखंड के विकास, युवाओं, रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।
प्रमुख बातें
- JPSC और JSSC के माध्यम से नई नियुक्तियों की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात।
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर का जिक्र।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का दावा।
- प्रश्नपत्र और उत्तर-कुंजी समय पर उपलब्ध कराने की बात।
- परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर।
- युवाओं को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
- कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी मुख्यमंत्री ने बात रखी।
JPSC-JSSC को लेकर CM का बड़ा संदेश
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दे पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखती है। इसके तहत JPSC, JSSC समेत विभिन्न विभागों में नई नियुक्तियों के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में JPSC और JSSC के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाई जाएंगी, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
CM हेमंत सोरेन ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और कंप्यूटरीकृत परीक्षा प्रणाली तथा उत्तर-कुंजी एवं OMR शीट की समयबद्ध उपलब्धता जैसे कदमों की बात कही।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही तय की जाएगी और परीक्षा से जुड़ी गोपनीयता से समझौता नहीं किया जाएगा।
‘बात-छात्रों के साथ’, अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा सुधार के अभियान में विद्यार्थियों और अभिभावकों को साथ लेकर चलना चाहती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
युवाओं को बताया झारखंड का भविष्य
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की और कहा कि सरकार उनके भविष्य को लेकर गंभीर है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
रोजगार के साथ कृषि और उद्योग पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि लाखों छोटे उद्यमों से भी बनती है। उन्होंने MSME क्षेत्र, स्थानीय उत्पादन, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए किसान सम्मान, सिंचाई, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में काम कर रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य पर भी फोकस
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया गया है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने बेहतर अस्पताल, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग शिक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात कही।
25 साल पूरे कर चुके झारखंड को लेकर CM का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और अब राज्य को अगले 25 वर्षों की दिशा तय करनी है। उन्होंने ऐसे झारखंड की कल्पना रखी, जहां विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, आदिवासी अस्मिता और आधुनिकता साथ-साथ आगे बढ़े, किसान समृद्ध हों, महिलाओं की भागीदारी बढ़े और हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
मुख्यमंत्री का संदेश
अपने संबोधन के अंत में हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की नई पहचान यहां के युवा तय करेंगे। उन्होंने युवाओं पर भरोसा जताते हुए राज्य के विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
