JPSC छात्रों के समर्थन में BJP का हल्लाबोल, CM आवास घेरने पहुंचे बाबूलाल; पुलिस ने नेताओं को भेजा खेलगांव
JPSC छात्रों के आंदोलन को लेकर झारखंड में सियासी टकराव तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में BJP विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
प्रमुख बातें
- बाबूलाल मरांडी ने कहा- JPSC छात्रों को न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी।
- BJP विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे।
- BJP नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांग रखने की कोशिश की।
- पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के अंदर जाने से रोका।
- बाद में BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन कर खेलगांव भेजा गया।
- दूसरी ओर JPSC छात्रों का विधानसभा घेराव भी जारी रहा।
JPSC के समर्थन में CM आवास पहुंची BJP
JPSC छात्रों की मांगों के समर्थन में BJP के विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे। इस दौरान नेताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
BJP नेताओं का कहना था कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर JPSC छात्रों की समस्याओं को सीधे उनके सामने रखना चाहते थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
पुलिस ने BJP नेताओं को किया डिटेन
मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश नहीं मिलने के बाद स्थिति और गरमा गई। इसके बाद पुलिस ने BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन किया और उन्हें खेलगांव भेज दिया।
BJP नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि वे छात्रों की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया।

बाबूलाल मरांडी बोले- न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC छात्रों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि JPSC छात्रों को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनकी मांगों पर उचित निर्णय करने की मांग की।
विधानसभा घेराव के लिए जुटते रहे JPSC छात्र
इधर, JPSC छात्रों का विधानसभा घेराव भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ते रहे और परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों तथा अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इससे पहले विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस की ओर से वाटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबर सामने आई।
JPSC मुद्दे पर बढ़ा सियासी दबाव
JPSC छात्रों के आंदोलन के बीच BJP के सीधे मैदान में उतरने से मामला अब और राजनीतिक हो गया है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि हेमंत सोरेन सरकार JPSC छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन को खत्म कराने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।
