JPSC-JSSC छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देवशरण भगत का सरकार पर हमला

‘किताब-कलम की जगह लाठियां क्यों?’ छात्रों पर कार्रवाई से भड़के देवशरण भगत

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JPSC-JSSC छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर AJSU का सरकार पर हमला, देवशरण भगत बोले- ‘लाठी से युवा शक्ति नहीं रुकेगी’

रांची में JPSC-JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। आजसू पार्टी ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।

प्रमुख बातें

  • विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर आजसू ने जताई नाराजगी।
  • डॉ. देवशरण भगत ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा की।
  • JPSC-JSSC परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता की मांग।
  • आजसू ने सरकार से छात्रों के साथ तत्काल संवाद करने की अपील की।
  • भगत ने चेतावनी दी कि अनदेखी होने पर आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर आजसू का हमला

आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC की परीक्षा और नियुक्ति व्यवस्था में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर छात्र विधानसभा पहुंचे थे।
भगत के मुताबिक, छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कंटीले तारों से बैरिकेडिंग किए जाने का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं का विधानसभा तक पहुंचना उनके आक्रोश को दर्शाता है।

‘किताब और कलम की जगह युवाओं पर बरस रहीं लाठियां’

डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि जिन युवाओं के हाथ में किताब, कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उनके ऊपर लाठियां बरसाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से छात्रों के सवालों का जवाब देने और पुलिस की ताकत का इस्तेमाल नहीं करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत और ठोस निर्णय के जरिए किया जाना चाहिए। JPSC-JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

‘लाठी, आंसू गैस से आवाज नहीं दबेगी’

आजसू नेता ने कहा कि लाठी, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल से युवाओं की आवाज को कुछ समय के लिए दबाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन उनके भीतर के आक्रोश को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह समय रहते छात्रों से संवाद करे और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय ले।

‘युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे सरकार’

डॉ. भगत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि छात्रों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आक्रोश व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड का युवा अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं के इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

JPSC-JSSC विवाद पर बढ़ी सियासी गर्मी

JPSC और JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल और छात्र संगठन लगातार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियुक्तियों में तेजी और अनियमितताओं के समाधान की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने मामले को और राजनीतिक बना दिया है।

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