ट्रेजरी घोटाले पर भाजपा का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला, प्रतुल शाह देव बोले- सरकार मामले को दबाने में जुटी
झारखंड में कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इस पूरे मामले को दबाने और जांच को धीमा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने पहले कार्रवाई में देरी की और अब जांच प्रक्रिया भी कछुआ चाल से आगे बढ़ रही है।
प्रमुख बातें
- ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना
- प्रतुल शाह देव ने जांच में देरी का लगाया आरोप
- स्पेशल ऑडिट के लिए मांगे गए दस्तावेज नहीं देने का दावा
- एसआईटी जांच की रफ्तार पर उठाए सवाल
- मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग
‘घोटाला सामने आने के बाद भी सरकार करती रही आनाकानी’
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाह देव ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले के सामने आने के बाद सरकार लंबे समय तक कार्रवाई से बचती रही। बाद में दबाव बढ़ने पर एसआईटी का गठन किया गया, लेकिन इसके गठन और सदस्यों को लेकर भी कई सवाल उठ चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन ट्रेजरी अधिकारियों और डीडीओ के कार्यकाल में कथित घोटाला हुआ, वे आज भी अपने पदों पर बने हुए हैं।
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स्पेशल ऑडिट शुरू नहीं होने पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को अकाउंटेंट जनरल (एजी) को स्पेशल ऑडिट के लिए अनुशंसा भेजी थी। एजी ने उसी सप्ताह इसे स्वीकार करते हुए सरकार से संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी।
प्रतुल शाह देव का आरोप है कि डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके कारण अब तक स्पेशल ऑडिट शुरू नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है और ऐसा प्रतीत होता है कि समय व्यतीत कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
एसआईटी की जांच पर भी सवाल
प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि वित्त विभाग की एसआईटी और उत्पाद सचिव के नेतृत्व वाली जांच टीम ने अब तक केवल बोकारो जिले का दौरा किया है।
उन्होंने कहा कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच टीम ने एक भी जिले की रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है। जबकि पहले चरण में बोकारो, हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और देवघर सहित पांच जिलों की जांच की अनुशंसा की गई थी।
भाजपा नेता के अनुसार, अन्य जिलों में जांच टीम अभी तक पहुंची भी नहीं है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की गति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चारा घोटाले का दिया उदाहरण
प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाह देव ने बिहार के चर्चित चारा घोटाले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को पूर्व के मामलों से सीख लेनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे मामले को लेकर और गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग
भाजपा ने सरकार से मांग की है कि एसआईटी जांच के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए और जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि राज्य सरकार जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं कर पाती है, तो पूरे मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
