Hemant Soren Foreign Tour: BJP ने निवेश दावों पर उठाए सवाल, कहा- “Political Tourism बन गई विदेश यात्रा”
रांची में भाजपा ने हेमंत सरकार की विदेशी यात्राओं और निवेश दावों को लेकर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता Pratul Shah Deo ने आरोप लगाया कि सरकार ने विदेश दौरों के जरिए बड़े निवेश और रोजगार के सपने दिखाए, लेकिन जमीन पर अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं दिखा।
प्रमुख बातें
- भाजपा ने हेमंत सरकार की विदेश यात्राओं को “Political Tourism” बताया
- स्वीडन, स्पेन, डावोस और ब्रिटेन दौरों पर उठाए सवाल
- ₹1.27 लाख करोड़ निवेश और 46,500 रोजगार दावों को बताया भ्रम
- टेस्ला, वोल्वो, जिंदल, टाटा स्टील समेत कई कंपनियों के निवेश दावों पर सवाल
- भाजपा ने सरकार से निवेश पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की
प्रेस वार्ता में सरकार पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री Hemant Soren की विदेश यात्राओं को सरकार ने निवेश यात्रा के रूप में प्रचारित किया, लेकिन वास्तविकता में राज्य को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को बड़े-बड़े औद्योगिक निवेश और रोजगार के नाम पर भ्रमित किया गया।
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प्रतुल शाह देव ने कहा कि सरकार ने स्वीडन और स्पेन यात्रा के बाद ₹3000 से ₹4000 करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव आने का दावा किया था। वहीं डावोस और ब्रिटेन यात्रा के बाद ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश समझौतों और करीब 46,500 रोजगार सृजन की बात कही गई थी।
फाइरा डी बार्सिलोना और टेस्ला परियोजनाओं पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि स्पेन की फाइरा डी बार्सिलोना कंपनी के साथ रांची में लगभग ₹1500 करोड़ के कन्वेंशन सेंटर का दावा किया गया था, लेकिन आज तक भूमि चयन और वित्तीय मॉडल तक तय नहीं हो पाया है।
इसके अलावा टेस्ला समूह की कंपनी द्वारा करीब ₹1300 करोड़ के बैटरी भंडारण संयंत्र लगाने की चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक न भूमि आवंटन हुआ और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ।
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वोल्वो और फुटबॉल प्रशिक्षण समझौते को बताया “आईवॉश”
प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि स्वीडन यात्रा के दौरान वोल्वो प्लांट दौरे को बड़े निवेश से जोड़कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस और ट्रक प्लांट लगाने तथा माइनिंग सेक्टर में निवेश की घोषणाएं भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।
उन्होंने स्पेन के Espanol क्लब के साथ फुटबॉल कोच प्रशिक्षण समझौते को भी “आईवॉश” करार दिया।
डावोस निवेश समझौतों पर भी उठे सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि डावोस यात्रा के दौरान टाटा स्टील के ₹11,000 करोड़ निवेश का व्यापक प्रचार किया गया, जबकि अधिकांश योजनाएं पहले से प्रस्तावित विस्तार परियोजनाएं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि टेक महिंद्रा, हिताची, इंफोसिस, वेलस्पन और लुलु समूह जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया।
प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि सरकार ने जिंदल समूह द्वारा ₹30,000 करोड़ के क्लीन एनर्जी न्यूक्लियर प्लांट, उड़ीसा एलॉय द्वारा ₹25,000 करोड़, रुंगटा समूह द्वारा ₹10,000 करोड़ के पावर प्लांट, अमलगम स्टील द्वारा ₹5000 करोड़, अंबुजा सीमेंट द्वारा ₹1600 करोड़ और सनशाइन समूह द्वारा AI सेक्टर में ₹3000 करोड़ निवेश की घोषणाएं की थीं, लेकिन इनमें से किसी भी परियोजना पर जमीन अधिग्रहण या स्पष्ट रोडमैप नहीं दिख रहा है।
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“अगर निवेश आया होता तो रोजगार दिखता”
प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि वास्तव में बड़े निवेश राज्य में आए होते तो युवाओं को रोजगार मिलता, औद्योगिक गतिविधियां बढ़तीं और निर्माण कार्य दिखाई देता। भाजपा ने हेमंत सरकार से विदेश यात्राओं और निवेश समझौतों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
इस प्रेस वार्ता में भाजपा के सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी मौजूद थे।
