रांची विधानसभा मार्च के दौरान छात्र नेताओं के साथ मौजूद AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा

रांची विधानसभा मार्च में बवाल, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी स्याही

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विधानसभा मार्च के दौरान बवाल, छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी, युवक हिरासत में

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अन्य छात्र मांगों को लेकर शुक्रवार को राजधानी रांची में आयोजित ‘विधानसभा मार्च’ के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब छात्र आंदोलन को समर्थन देने पहुंचीं AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने कथित तौर पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध करने वाला युवक “जय श्री राम” के नारे लगा रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।

प्रमुख बातें

  • JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर रांची में निकला विधानसभा मार्च
  • झारखंड जनाधिकार महासभा, AISA, AISF समेत कई छात्र संगठनों ने किया आयोजन
  • AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर कथित तौर पर स्याही फेंकी गई
  • प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक “जय श्री राम” के नारे लगा रहा था
  • पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया
  • भर्ती परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और स्थानीय नीति समेत छह प्रमुख मांगें उठीं

भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का विधानसभा मार्च

झारखंड जनाधिकार महासभा, AISA, AISF तथा अन्य छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर राजधानी रांची में विधानसभा मार्च आयोजित किया गया। मार्च का उद्देश्य JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और लंबित छात्र मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।

बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से मचा हंगामा

इसी दौरान छात्र आंदोलन को समर्थन देने रांची पहुंचीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने कथित तौर पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद छात्रों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विरोध करने वाला युवक घटना के दौरान “जय श्री राम” के नारे लगा रहा था। हालांकि, घटना के पीछे की मंशा को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस ने आरोपी युवक को लिया हिरासत में

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित युवक को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक ने यह कृत्य अकेले किया या इसके पीछे कोई अन्य कारण अथवा साजिश थी।

हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

छात्रों ने सरकार के सामने रखीं छह प्रमुख मांगें

विधानसभा मार्च के दौरान छात्र संगठनों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

1. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए

छात्र संगठनों का आरोप है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। इसलिए परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए।

2. भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो

JPSC और JSSC की सभी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

3. स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू हो

छात्र संगठनों ने कहा कि राज्य में स्थानीय नीति के अनुरूप नियोजन नीति लागू की जाए ताकि झारखंड के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिल सके।

4. छात्रवृत्ति समय पर मिले

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति वितरण में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने समय पर छात्रवृत्ति आवंटन सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

5. परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए

छात्रों ने मांग की कि सरकार वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करे और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूरी करने की कानूनी गारंटी दे।

6. क्लस्टर सिस्टम खत्म कर शिक्षा व्यवस्था सुधारी जाए

प्रदर्शनकारियों ने स्कूली शिक्षा में लागू क्लस्टर सिस्टम पर रोक लगाने और सरकारी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी उठाई।

आंदोलन तेज होने के संकेत

छात्र संगठनों का कहना है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। दूसरी ओर, भर्ती परीक्षाओं को लेकर राज्य में पहले से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच यह विधानसभा मार्च राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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