झारखंड SIR अपडेट: फॉर्म-6 के 9.23 लाख से अधिक आवेदन डिजिटाइज, 30 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत दावा एवं आपत्ति अवधि में प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन का काम जारी है। 6 नवंबर 2026 को जारी झारखंड SIR बुलेटिन के अनुसार, 4 नवंबर 2026 तक फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त कुल 9,23,256 आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं, फॉर्म-7 के तहत 76,453 आवेदन और आपत्तियों का डिजिटाइजेशन हुआ है। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
प्रमुख बातें
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फॉर्म-6 के कुल 9,23,256 आवेदन डिजिटाइज किए गए।
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फॉर्म-6A के तहत 124 आवेदन डिजिटाइज हुए।
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फॉर्म-7 के 76,453 आवेदन और आपत्तियां डिजिटाइज की गईं।
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फॉर्म-8 के तहत 5,73,016 आवेदन डिजिटाइज हुए।
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5 नवंबर को फॉर्म-7 के 7,490 आवेदन डिजिटाइज किए गए।
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अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
फॉर्म-6 से 9.23 लाख से अधिक आवेदन डिजिटाइज
झारखंड में SIR के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-6 के आवेदनों का डिजिटाइजेशन लगातार जारी है। बुलेटिन के अनुसार, 4 नवंबर तक फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त कुल 9,23,256 आवेदन डिजिटाइज किए गए हैं। वहीं, 5 नवंबर को इस श्रेणी में 3,046 आवेदनों का डिजिटाइजेशन हुआ।
Voter List Update: झारखंड में अब तक 15.62 लाख से अधिक आवेदन डिजिटाइज
फॉर्म-7 के 76 हजार से अधिक आवेदन और आपत्तियां
मतदाता सूची में नाम हटाने या संबंधित आपत्तियों से जुड़े फॉर्म-7 के तहत अब तक 76,453 आवेदन और आपत्तियां डिजिटाइज की गई हैं। इसमें 5 नवंबर को सबसे अधिक 7,490 आवेदनों का डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया। यह एक दिन में दर्ज अन्य फॉर्मों के मुकाबले अधिक संख्या है।
फॉर्म-8 के 5.73 लाख आवेदन डिजिटाइज
मतदाता सूची में संशोधन और अन्य बदलावों से संबंधित फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त कुल 5,73,016 आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं। 5 नवंबर को इस श्रेणी में 1,347 आवेदनों का डिजिटाइजेशन हुआ। इसके अलावा, फॉर्म-6A के माध्यम से कुल 124 आवेदन डिजिटाइज किए गए हैं, जिनमें 5 नवंबर को एक आवेदन शामिल है।
30 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
झारखंड SIR बुलेटिन में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन और संबंधित प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी करना महत्वपूर्ण होगा। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद राज्य के मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्थिति स्पष्ट होगी।
