झारखंड CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नियुक्तियां रद्द करने का सरकारी आदेश निरस्त; अभ्यर्थियों को राहत
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द करने के लिए जारी अधिसूचना को निरस्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले से सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
प्रमुख बातें
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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL रद्द करने का सरकारी आदेश निरस्त किया।
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सफल अभ्यर्थियों की नियुक्तियां बरकरार रहेंगी।
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जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनाया फैसला।
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मामले में CID की जांच जारी रहेगी।
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फैसले से हजारों सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को राहत मिली है।
सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
दरअसल, झारखंड सरकार ने CID की जांच रिपोर्ट और छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए JSSC-CGL परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की गई थी। इसके खिलाफ सफल अभ्यर्थियों आकाश गौरव समेत अन्य उम्मीदवारों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सफल अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत
याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सरकार के रद्दीकरण संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिन्होंने JSSC-CGL परीक्षा में सफलता हासिल की थी और जिनकी नियुक्तियों पर सरकार के फैसले के बाद अनिश्चितता पैदा हो गई थी।
CID की जांच रहेगी जारी
हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद इस मामले में CID की जांच जारी रहेगी। यानी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच अपनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी। ऐसे में अदालत के फैसले से नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन जांच का पहलू अभी समाप्त नहीं हुआ है।
