रांची के पारस हॉस्पिटल में दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित नवजात का सफल इलाज, डॉक्टरों ने बचाई मासूम की जिंदगी
प्रमुख बातें
- पारस हॉस्पिटल रांची के NICU में हुआ दुर्लभ बीमारी से पीड़ित नवजात का सफल इलाज
- नवजात रेसेसिव डिस्ट्रॉफिक एपिडर्मोलाइसिस बुलोसा (RDEB) नामक आनुवंशिक बीमारी से था ग्रसित
- हल्के स्पर्श से भी बन जाते थे शरीर पर छाले और घाव
- डॉ. निशांत पाठक और उनकी टीम ने “जीरो-ट्रॉमा” तकनीक से की देखभाल
- विशेष इलाज और निगरानी के बाद बच्चे की स्थिति हुई स्थिर
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रांची में डॉक्टरों ने किया दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे नवजात का सफल इलाज
रांची- पारस हॉस्पिटल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में डॉक्टरों की टीम ने एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफल इलाज कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस जटिल मामले का नेतृत्व डॉ. निशांत पाठक और उनकी टीम ने किया।
क्या है रेसेसिव डिस्ट्रॉफिक एपिडर्मोलाइसिस बुलोसा (RDEB)?
डॉक्टरों के अनुसार नवजात शिशु रेसेसिव डिस्ट्रॉफिक एपिडर्मोलाइसिस बुलोसा (RDEB) नामक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी में जन्म से ही बच्चे की त्वचा अत्यंत नाजुक होती है और हल्के स्पर्श या रगड़ से भी शरीर पर छाले और गंभीर घाव बन जाते हैं।
बच्चे के मुंह के अंदर भी घाव मौजूद थे, जिसके कारण उसे दूध पीने में काफी परेशानी हो रही थी। यह बीमारी अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है और लगभग 20 से 50 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में देखने को मिलती है।
जन्म के तुरंत बाद शुरू हुई विशेष “जीरो-ट्रॉमा” देखभाल
डॉक्टरों ने जन्म के तुरंत बाद ही बीमारी की आशंका पहचान ली और बच्चे की विशेष “जीरो-ट्रॉमा” देखभाल शुरू कर दी। इलाज के दौरान बच्चे को बेहद सावधानी से संभाला गया ताकि त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
इसके अलावा विशेष ड्रेसिंग, दर्द नियंत्रण, पोषण प्रबंधन और संक्रमण से बचाव पर लगातार ध्यान दिया गया। बाद में बीमारी की पुष्टि जीन संबंधी विशेष जांच Whole Exome Sequencing के माध्यम से हुई।
लगातार निगरानी से स्थिर हुई बच्चे की हालत
लगातार निगरानी और विशेषज्ञ उपचार के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर हुई। डॉक्टरों ने विस्तृत देखभाल योजना के साथ नवजात को सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी।
डॉ. निशांत पाठक ने कहा कि ऐसी दुर्लभ बीमारियों में समय पर पहचान, सावधानीपूर्वक देखभाल और परिवार को सही परामर्श देना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से संभव हुआ इलाज
हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि पारस एचईसी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक नवजात आईसीयू, उन्नत जांच सुविधाएं और अनुभवी चिकित्सकीय टीम उपलब्ध है। इसी कारण जटिल से जटिल मामलों का भी समय पर और सटीक इलाज संभव हो पाता है।
