JAC सचिव की नियुक्ति में देरी पर फूटा गुस्सा, 5 जुलाई के बाद हाईकोर्ट जाएंगे प्राचार्य

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JAC सचिव की नियुक्ति में देरी पर भड़के प्राचार्य, 5 जुलाई तक नियुक्ति नहीं हुई तो हाईकोर्ट में दायर होगी PIL

रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) में सचिव का पद एक महीने से खाली रहने पर राज्यभर के इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षक प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है।

शनिवार को धुर्वा स्थित सर्वोदय निकेतन उच्च विद्यालय में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में 500 से अधिक प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य शामिल हुए। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि 5 जुलाई 2026 तक JAC सचिव की नियुक्ति नहीं हुई तो झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी।

प्रमुख बातें

  • राज्यभर के 500 से अधिक प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य बैठक में शामिल हुए।
  • JAC सचिव का पद एक महीने से खाली रहने पर जताया गया आक्रोश।
  • 5 जुलाई तक नियुक्ति नहीं होने पर हाईकोर्ट में PIL दायर करने की चेतावनी।
  • अनुदान समिति की बैठक तत्काल बुलाने की मांग।
  • 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि के वादे को लागू करने की मांग।
  • विधानसभा सत्र से पहले लोक भवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन का निर्णय।

सचिव नहीं होने से JAC के कामकाज पर असर

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि JAC में सचिव की नियुक्ति नहीं होने के कारण परिषद का लगभग पूरा प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो गया है। स्कूलों की प्रस्वीकृति, छात्रों का सत्यापन, शासी निकाय का गठन, निरीक्षण दल का गठन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हैं। इसके चलते अभिभावक और छात्र लगातार स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर जवाब मांग रहे हैं और कई स्थानों पर हंगामे की स्थिति बन रही है।

प्राचार्यों का कहना था कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सचिव की नियुक्ति से संबंधित संचिका मुख्यमंत्री कार्यालय भेज चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।

5 जुलाई तक नियुक्ति नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 5 जुलाई 2026 तक JAC सचिव की नियुक्ति नहीं होती है तो मोर्चा की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। यह याचिका मोर्चा के नेता एवं अध्यक्ष मंडल के सदस्य अरविंद कुमार सिंह दायर करेंगे।

वक्ताओं ने कहा कि JAC के माध्यम से हर वर्ष 26 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में सचिव का पद लंबे समय तक खाली रहना छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के हितों के साथ गंभीर लापरवाही है।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय

1. अनुदान समिति की बैठक जल्द बुलाने की मांग

मोर्चा ने मांग की कि जिन संस्थाओं का अनुदान शासी निकाय, बंधक विलेख, उपयोगिता प्रमाणपत्र, शपथ पत्र या अन्य तकनीकी कारणों से रोका गया है, जबकि वे ऑनलाइन आवेदन पहले ही जमा कर चुकी हैं, उनके मामलों के निस्तारण के लिए अनुदान समिति की बैठक तत्काल बुलाई जाए।

2. 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि लागू करने की मांग

बैठक में सरकार से वित्तीय वर्ष 2026-27 से 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि लागू करने की मांग दोहराई गई। साथ ही विभाग और जिला शिक्षा पदाधिकारियों से 15 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन भेजने की मांग की गई। समयसीमा पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

3. स्थापना अनुमति नियमों में संशोधन की मांग

मोर्चा ने माध्यमिक विद्यालय स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति नियमावली में संशोधन की मांग करते हुए पुस्तकालय, प्राचार्य कक्ष, कॉमन रूम और प्रयोगशाला के लिए निर्धारित क्षेत्रफल में व्यावहारिक बदलाव तथा सुरक्षा कोष की वर्तमान व्यवस्था समाप्त करने का सुझाव दिया। साथ ही सामान्य और जनजातीय क्षेत्रों के लिए सुरक्षा राशि में संशोधन की मांग भी रखी गई।

4. परिवाद पत्र के आधार पर अनुदान रोकने का विरोध

बैठक में कहा गया कि केवल शिकायत या परिवाद पत्र के आधार पर स्कूल-कॉलेजों का अनुदान नहीं रोका जाना चाहिए, क्योंकि अधिकांश शिकायतें जांच में निराधार साबित होती हैं। इससे संस्थानों को अनावश्यक परेशानी होती है।

विधानसभा सत्र से पहले होगा बड़ा प्रदर्शन

बैठक में निर्णय लिया गया कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले लोक भवन के सामने राज्यस्तरीय विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वित्त रहित स्कूल-कॉलेजों के चयन संबंधी मुद्दों पर अध्ययन के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इसके संयोजक अरविंद कुमार सिंह बनाए गए।

बैठक में सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

इन नेताओं ने किया संबोधित

बैठक को रघुनाथ सिंह, गणेश महतो, डॉ. देवनाथ सिंह, अरविंद कुमार सिंह, मनोज तिर्की, नरोत्तम सिंह, दिलीप घोष, पशुपति महतो, संजय कुमार, विनय उरांव, दिनेश प्रसाद, उदय यादव और फजलुल कदीर अहमद सहित कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया।

बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर पाठक ने की, जबकि मंच संचालन गणेश महतो ने किया। प्रेस को बैठक की जानकारी मोर्चा के प्रवक्ता मनीष कुमार ने दी।

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