घाटशिला में सोरेन परिवार की दो बहुएं आमने-सामने, एक झामुमो तो दूसरी भाजपा के लिए कर रहीं प्रचार
मुख्य बिंदु :
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घाटशिला की जनसभा में सीता सोरेन ने दिखाई भाजपा के पक्ष में ताकत
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कल्पना सोरेन झामुमो उम्मीदवार के समर्थन में कर रहीं प्रचार
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सोरेन परिवार की दो बहुएं अब दो अलग राजनीतिक पिच पर सक्रिय
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रांची / घाटशिला : झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। घाटशिला की चुनावी सभाओं में सोरेन परिवार की दो बहुएं आमने-सामने दिखाई दे रही हैं। एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन झामुमो प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार में जुटी हैं।

घाटशिला में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीता सोरेन ने कहा — “घाटशिला की विशाल जनसभा को देखकर मुझे पूरा विश्वास है कि जनता का अपार समर्थन और स्नेह इस बार बदलाव की नई कहानी लिखेगा। बाबूलाल सोरेन जी की जीत जनता के भरी मतों के आशीर्वाद से निश्चित है। जय भाजपा, तय भाजपा!”
यह पोस्ट सीता सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। उनके इस बयान से साफ है कि वह भाजपा के पक्ष में पूरी तरह से सक्रिय हैं और झारखंड में भाजपा की वापसी को लेकर आत्मविश्वास से भरी हुई हैं।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने भी घाटशिला की जनता से झामुमो के समर्थन की अपील की है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा — “झारखंड के अपने बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद और युवा साथियों का स्नेह, यही झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की पूंजी है। अबुआ सरकार की पूंजी है।”

झामुमो और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने घाटशिला को एक प्रतिष्ठित सीट के रूप में देखा है, जहां पारिवारिक समीकरण और राजनीतिक रणनीति दोनों ही असर डाल सकते हैं। अब जबकि सोरेन परिवार की दो बहुएं अलग-अलग दलों के लिए प्रचार में जुटी हैं, यह मुकाबला न केवल राजनीतिक बल्कि पारिवारिक दृष्टि से भी दिलचस्प बन गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार घाटशिला में “सत्ता बनाम परिवार” की अनोखी जंग देखने को मिल सकती है, जहां जनता तय करेगी कि वह अबुआ सरकार को दोबारा मौका देती है या बदलाव के पक्ष में मतदान करती है।
