नई विधानसभा रांची के सामने महाधरना की घोषणा करते वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का संयुक्त मोर्चा

विधानसभा घेरेंगे वित्त रहित शिक्षक, 75% अनुदान समेत कई मांगों पर महाधरना

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11 अगस्त को नई विधानसभा के सामने वित्त रहित शिक्षण संस्थानों का महाधरना, 75% अनुदान समेत कई मांगों पर सरकार को घेरने की तैयारी

रांची: राज्य के वित्त रहित एवं अनुदानित शिक्षण संस्थानों का संयुक्त मोर्चा 11 अगस्त को नई विधानसभा के समक्ष विशाल महाधरना आयोजित करेगा। इस दौरान राज्यभर के इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक प्रतिनिधि एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में जुटेंगे। महाधरना के बाद मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपेगा।

प्रमुख बातें

  • 11 अगस्त को नई विधानसभा के सामने होगा महाधरना
  • सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा एकदिवसीय धरना
  • 75% अनुदान वृद्धि, राज्यकर्मी का दर्जा समेत कई मांगें उठेंगी
  • मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा मांगों का ज्ञापन
  • 60 वर्ष से अधिक आयु वाले शिक्षकों पर हाईकोर्ट के फैसले की दी जाएगी जानकारी
  • 12 या 13 अगस्त को विभागीय बैठक होने की संभावना का दावा
  • राज्यभर के स्कूलों और कॉलेजों से अपने-अपने बैनर के साथ पहुंचने की अपील

राज्यभर के शिक्षकों और कर्मचारियों से शामिल होने की अपील

संयुक्त मोर्चा ने राज्य के सभी वित्त रहित एवं अनुदानित इंटर कॉलेजों, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों, शिक्षक प्रतिनिधियों तथा कर्मचारियों से महाधरना में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। साथ ही सभी संस्थानों से अपने-अपने विद्यालय का बैनर लेकर आने का भी आग्रह किया गया है।

इन प्रमुख मांगों को लेकर होगा आंदोलन

मोर्चा का कहना है कि सरकार लंबे समय से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। इसलिए इस महाधरना के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

  • वित्त रहित संस्थानों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान में वृद्धि
  • शिक्षक एवं कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा
  • सेवा शर्त नियमावली का निर्माण
  • बिहार से मान्यता प्राप्त 158 विद्यालयों के प्रशवीकीकरण की प्रक्रिया पूरी करना
  • सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ अनुदानित स्कूलों एवं कॉलेजों की छात्राओं तक पहुंचाना
  • झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कथित मनमानी पर रोक

हाईकोर्ट के फैसले की भी दी जाएगी जानकारी

इसके अलावा महाधरना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों के संबंध में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय की विस्तृत जानकारी भी साझा की जाएगी। वहीं, अनुदान और अन्य लंबित मामलों में अब तक हुई प्रगति से भी शिक्षकों को अवगत कराया जाएगा।

विभागीय बैठक टलने पर मोर्चा ने उठाए सवाल

मोर्चा के अनुसार, अपीलीय आवेदन करने वाले सभी स्कूलों एवं कॉलेजों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 4 अगस्त को प्रस्तावित विभागीय बैठक विधानसभा सत्र के कारण स्थगित कर दी गई। हालांकि, मोर्चा का दावा है कि विभाग पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और 12 या 13 अगस्त को बैठक होने की संभावना है।

मोर्चा ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर बैठक की तिथि आगे बढ़ाई है ताकि विधानसभा सत्र के दौरान अनुदान से जुड़े संभावित विरोध-प्रदर्शन से बचा जा सके। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन

महाधरना समाप्त होने के बाद संयुक्त मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विभिन्न लंबित मांगों के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपेगा। मोर्चा ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस बार वित्त रहित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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