Jharkhand High Court verdict on JSSC CGL exam cancellation and recruitment advertisement

JSSC-CGL: कोर्ट में सरकार की दलीलें कमजोर रहीं? छात्र नेता ने उठाया सवाल

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BREAKING NEWS: JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का सरकार का फैसला हाईकोर्ट ने किया निरस्त, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

झारखंड हाईकोर्ट ने परीक्षा और नियुक्ति विज्ञापन रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को किया खारिज, छात्र नेता रविंद्र पासवान ने फैसले को बताया सरकार के पक्ष की कमजोर दलीलों का परिणाम

रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत 17 अगस्त 2024 को JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्ति विज्ञापन को रद्द करने का निर्णय लिया गया था।

CGL नियुक्ति पर हाईकोर्ट की मुहर! सरकार का रद्दीकरण आदेश खारिज

इस फैसले के बाद परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों और लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं में उम्मीद जगी है। वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक छात्र नेता ने कहा कि हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए थे और बार-बार राज्य सरकार से इसे रद्द करने के ठोस आधार पेश करने को कहा था।

प्रमुख बातें

  • झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का सरकारी फैसला निरस्त किया।

  • राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2024 को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया था।

  • हाईकोर्ट ने सरकार से फैसले के समर्थन में ठोस आधार मांगे थे।

  • छात्र नेता ने कहा कि सरकार अदालत में अपने फैसले का प्रभावी बचाव नहीं कर सकी।

  • फैसले से JSSC-CGL अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।

सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

छात्र नेता रविंद्र पासवान के अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर हाईकोर्ट ने कई बार सवाल पूछे थे। अदालत ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि आखिर किन ठोस कारणों के आधार पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। छात्र नेता का कहना है कि सरकार अदालत के सामने अपने फैसले के समर्थन में प्रभावी आधार पेश नहीं कर सकी।

अभ्यर्थियों को नियुक्ति की उम्मीद

हाईकोर्ट के फैसले के बाद JSSC-CGL परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि, परीक्षा और नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया किस तरह पूरी होगी, इस संबंध में संबंधित विभाग और आयोग की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

छात्र नेता ने सरकार की दलीलों पर उठाए सवाल

छात्र नेता ने कहा कि अदालत का फैसला इस बात की ओर संकेत करता है कि राज्य सरकार परीक्षा रद्द करने के अपने निर्णय का प्रभावी बचाव नहीं कर सकी। JSSC-CGL विवाद को लेकर लंबे समय से आंदोलन और कानूनी लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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