21 जून से फंसे थे मजदूर... अब सुरक्षित लौटे सभी 42!

जयराम की चिंता, हेमंत का एक्शन… लौटे 42 मजदूर

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तमिलनाडु गैस रिसाव: 42 झारखंडी श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी, जयराम महतो ने उठाया था मुद्दा, सरकार ने पूरा किया रेस्क्यू अभियान

रांची: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक सीफूड कंपनी में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद फंसे झारखंड के सभी 42 प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कर ली गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी श्रमिकों को विशेष व्यवस्था के साथ झारखंड के लिए रवाना किया। इससे पहले डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा और सकुशल वापसी की मांग की थी।

प्रमुख बातें

  • तमिलनाडु गैस रिसाव के बाद 42 झारखंडी श्रमिक सुरक्षित वापस लौटे।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर चला विशेष रेस्क्यू अभियान।
  • जयराम महतो ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों का मुद्दा उठाया था।
  • श्रमिकों के लिए विशेष स्लीपर कोच, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था की गई।
  • हादसे में धनबाद की प्रीति देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
  • मृतका के परिजनों को मुआवजा और वैधानिक लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है।

जयराम महतो ने पहले उठाया था श्रमिकों का मुद्दा

डुमरी विधायक जयराम महतो ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा था कि तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले की एक सीफूड कंपनी में अमोनिया गैस रिसाव के बाद झारखंड के 41 प्रवासी मजदूर 21 जून से पेरियापालायम क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि वे श्रमिकों की सुरक्षा और उनकी सकुशल घर वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी समन्वय की बात कही थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चला रेस्क्यू अभियान

इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष, तमिलनाडु प्रशासन, रेलवे और अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया।

विशेष ट्रेन से झारखंड के लिए रवाना हुए श्रमिक

राज्य सरकार के अनुरोध पर रेलवे प्रशासन ने अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस में झारखंड के श्रमिकों के लिए एक विशेष स्लीपर कोच उपलब्ध कराया। सभी 42 श्रमिक चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सुरक्षित झारखंड के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान भोजन, पेयजल और सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल की व्यवस्था भी की गई।

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हादसे में धनबाद की प्रीति देवी की हुई मौत

इस औद्योगिक दुर्घटना में धनबाद निवासी प्रीति देवी की इलाज के दौरान चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में मौत हो गई। झारखंड सरकार की पहल पर शव की पहचान, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से रांची लाया जा रहा है, जहां से सम्मानपूर्वक धनबाद भेजने की व्यवस्था की गई है।

मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जारी

राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष नियोक्ता और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है ताकि मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ जल्द उपलब्ध कराए जा सकें। सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।

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