रिम्स-2 पर सरकार का फोकस, सीएम ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग और भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से रिम्स-2 (RIMS-2) बिल्डिंग परियोजना की प्रगति और संरचनात्मक पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की।
रिम्स-2 को मिलेगा आधुनिक और मरीज-हितैषी स्वरूप
बैठक में प्रस्तुत ओवरव्यू के आधार पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिम्स-2 भवन को और अधिक मजबूत, आधुनिक और मरीज-केंद्रित बनाया जाए।
उन्होंने डिज़ाइन, सुविधाओं और उपयोगिता में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, ताकि भविष्य में यह संस्थान राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाई दे सके।
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भाजपा के आरोपों के बीच सरकार का स्पष्ट रुख
रिम्स-2 परियोजना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म है। भाजपा लगातार यह आरोप लगा रही है कि जिस जमीन पर निर्माण प्रस्तावित है, वह रैयती जमीन है और इसे आदिवासी विरोधी कदम बताया जा रहा है।
हालांकि इन आरोपों के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे राज्य के स्वास्थ्य विकास के लिए जरूरी मान रही है।
समयसीमा और गुणवत्ता पर खास जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए
- निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
- स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं
क्या है रिम्स-2 का महत्व?
रिम्स-2 परियोजना को झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। इसके पूरा होने पर:
- बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी
- आईसीयू और आधुनिक इलाज की क्षमता बढ़ेगी
- राज्य के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी
निष्कर्ष:
विपक्ष के सवालों और विवादों के बीच रिम्स-2 को लेकर सरकार की सक्रियता यह दर्शाती है कि झारखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब निगाहें इस पर हैं कि यह परियोजना कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ती है।
