वित्त रहित शिक्षकों की दो टूक, लंबित मांगों पर अब तेज होगा आंदोलन

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वित्त रहित शिक्षकों ने सरकार को दिया संदेश, लंबित अनुदान और राज्यकर्मी दर्जे पर तेज होगा आंदोलन

रांची: वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा की राज्यस्तरीय बैठक रांची के धुर्वा स्थित सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय में संपन्न हुई। बैठक में राज्यभर के अनुदानित इंटरमीडिएट कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षक प्रतिनिधियों ने लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगे की रणनीति तय की।

प्रमुख बातें

  • 223 शिक्षण संस्थानों के लंबित अनुदान पर जताई चिंता।
  • 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि की प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी।
  • नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार।
  • राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग पर सरकार से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा।
  • 16 जून को विभागीय सचिव के साथ बनी सहमति पर कार्रवाई नहीं होने पर असंतोष।

223 शिक्षण संस्थानों के लंबित अनुदान का उठा मुद्दा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के 223 अनुदानित स्कूलों और इंटर कॉलेजों का लंबित अनुदान प्रमुख मुद्दा रहा। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस संबंध में अपीलीय आवेदन पहले ही विभाग को सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक विभागीय बैठक नहीं होने के कारण अनुदान जारी नहीं हो सका है। इसे लेकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।

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75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि पर तेज करने की मांग

मोर्चा ने कहा कि 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारियों और झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अधिकांश जिलों से रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं हुई है। बैठक में इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का निर्णय लिया गया।

नई शिक्षा नीति और राज्यकर्मी दर्जे पर बनी रणनीति

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। मोर्चा ने कहा कि संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है, इसलिए अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की लंबित मांग पर भी सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

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विभागीय सहमति पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

मोर्चा के नेताओं ने बताया कि 16 जून 2026 को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के साथ हुई वार्ता में चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक किसी भी बिंदु पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर प्रतिनिधियों ने असंतोष व्यक्त किया और आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की।

बैठक में रघुनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, पशुपति महतो, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, मनोज तिर्की, विनय उरांव, संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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