राज्यसभा चुनाव पर सियासत तेज: भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप, इरफान अंसारी बोले- लोकतंत्र और झारखंड की अस्मिता पर हमला
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कोटे से मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के पास देश के सामने एक सकारात्मक लोकतांत्रिक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर था, लेकिन भाजपा ने एक बार फिर पर्दे के पीछे की राजनीति को बढ़ावा दिया है।
प्रमुख बातें
- राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने।
- मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया।
- भाजपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी को समर्थन दिया।
- एनडीए के पास 24 विधायक, जबकि जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता।
- कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त की आशंका जताई।
भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति का आरोप
मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि झारखंड के पास राज्यसभा चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल पेश करने का अवसर था। हालांकि, उनके अनुसार भाजपा ने पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद सत्ता हासिल करने के लिए पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों का सहारा लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे हॉर्स ट्रेडिंग और विधायकों की खरीद-फरोख्त जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार को दिया समर्थन
राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। इसके बजाय पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी को समर्थन देने का फैसला किया है। इसी फैसले को लेकर कांग्रेस भाजपा पर निशाना साध रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, इसके बावजूद चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे राजनीतिक खरीद-फरोख्त की आशंका बढ़ गई है।
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जीत के लिए चाहिए 28 वोट, एनडीए के पास 24 विधायक
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए 28 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। जबकि एनडीए गठबंधन के पास फिलहाल 24 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा संख्या बल की कमी को पूरा करने के लिए अन्य दलों के विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है।
लोकतंत्र और झारखंड की प्रतिष्ठा का मुद्दा
इरफान अंसारी ने कहा कि ऐसी राजनीति केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं करती, बल्कि झारखंड की राजनीतिक गरिमा और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर राज्य की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया और इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
राज्यसभा चुनाव नजदीक आते ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस जहां भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जता रही है, वहीं भाजपा और एनडीए खेमे की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है।
