राज्यसभा टिकट नहीं मिलने पर चर्चा में भाजपा नेता प्रो. गौरव वल्लभ

JMM का कटाक्ष- भाजपा ने गौरव वल्लभ को सिर्फ जीरो तक रखा

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राज्यसभा टिकट नहीं मिलने पर गौरव वल्लभ पर सियासत, JMM का भाजपा पर तंज- “जीरो गिनने तक ही सीमित रख दिया”

झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए फायरब्रांड नेता प्रो. गौरव वल्लभ को भाजपा की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तीखा कटाक्ष किया है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रो. गौरव वल्लभ ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और उनके नाम को लेकर अटकलें भी तेज थीं। हालांकि अंतिम समय में भाजपा ने निर्दलीय परिमल नथवानी को अपना समर्थन दे दिया, जिसके बाद पक्ष को हमला बोलने का मौका मिल गया।

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JMM ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर तंज कसा। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा ने गौरव वल्लभ को केवल “जीरो गिनने” के लिए रखा और जब राज्यसभा भेजने का मौका आया तो उन्हें किनारे कर दिया गया।

दरअसल, प्रो. गौरव वल्लभ का सबसे चर्चित राजनीतिक क्षण वह माना जाता है जब उन्होंने एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा से पूछा था, “5 ट्रिलियन इकोनॉमी में कितने जीरो होते हैं?” यह सवाल उस समय देशभर में चर्चा का विषय बन गया था और गौरव वल्लभ की पहचान एक तेजतर्रार और तथ्य आधारित वक्ता के रूप में बनी थी।

अब उसी पुराने बयान को याद करते हुए JMM ने भाजपा पर व्यंग्यात्मक हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि जिस नेता ने कभी राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मुद्दों पर भाजपा को घेरा था, आज उसी नेता को भाजपा में अपेक्षित सम्मान नहीं मिला।

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हालांकि भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में पार्टी की अपनी रणनीति और राजनीतिक समीकरण होते हैं, लेकिन विपक्ष इस फैसले को लेकर भाजपा पर लगातार निशाना साधने की कोशिश कर रहा है।

राज्यसभा चुनाव के बहाने शुरू हुई यह सियासी नोकझोंक अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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