अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने पूछा सवाल

झारखंड/बिहार

अधिवक्ता निक्की कुमारी ने लगाया गंभीर आरोप, एससी-एसटी एक्ट के मामले में कार्रवाई की मांग

रांची: अधिवक्ता निक्की कुमारी द्वारा वर्ष 2025 में अधिवक्ता कुणाल वर्मा एवं निशिता मेहता के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था। बताया जाता है कि यह मामला एचटीसीसी केस संख्या 35/2025 से संबंधित है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता निक्की कुमारी का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया जाता था तथा उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। इन कथित घटनाओं से परेशान होकर उन्होंने संबंधित दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

सूत्रों के अनुसार, मामले में आरोपित अधिवक्ता कुणाल वर्मा एवं निशिता मेहता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने सवाल उठाए हैं।

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी दावा है कि अधिवक्ता कुणाल वर्मा के खिलाफ पूर्व में भी अन्य मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने निष्पक्ष जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं आरोपित पक्ष का पक्ष या प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

(नोट: उपरोक्त सभी आरोप शिकायतकर्ता एवं सूत्रों के दावों पर आधारित हैं। मामले में अंतिम सत्यता का निर्धारण न्यायालय एवं जांच एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।)

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