JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर बाबूलाल मरांडी का हमला, बोले- CBI जांच के बिना पूरी नहीं होगी छात्रों की जीत
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने को छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया, लेकिन साथ ही पूरे मामले की CBI जांच की मांग दोहराई है।
प्रमुख बातें
- बाबूलाल मरांडी ने 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को बधाई दी।
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने को छात्रों की बड़ी जीत बताया।
- सरकार पर छात्रों के आरोपों को पहले खारिज करने का आरोप लगाया।
- CBI जांच का आदेश नहीं दिए जाने पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।
- JSSC-CGL और JPSC से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
- कहा- CBI जांच और दोषियों पर निर्णायक कार्रवाई के बाद ही संघर्ष की वास्तविक जीत होगी।
‘छात्रों ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार 23 दिनों तक आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपने दृढ़ संकल्प, एकता और संघर्षशीलता का परिचय दिया। उनके मुताबिक, छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार को JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि परीक्षा का रद्द होना उनके संघर्ष की बड़ी विजय है।
CBI जांच नहीं होने पर सरकार को घेरा
हालांकि, बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा रद्द किए जाने के बावजूद सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से CBI जांच का आदेश नहीं दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। उनका दावा है कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होना आंदोलन का केवल पहला चरण है और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
JSSC-CGL मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में JSSC-CGL में नौकरी बेचने के आरोपों का जिक्र करते हुए कई लोगों और संस्थानों की कथित भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मित्र बताए जाने वाले विनोद सिंह की कथित संलिप्तता तथा JSSC के तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा, सुधीर गुप्ता और प्रशांत से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की भूमिका से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता भी बताई। हालांकि, ये सभी आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
JPSC मामले में भी जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने JPSC परीक्षाओं में कथित धांधली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और गिरिडीह झामुमो जिलाध्यक्ष की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
‘CBI जांच के बिना पूरी नहीं होगी जीत’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब तक CBI जांच नहीं होगी, तब तक परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी युवाओं के साथ अन्याय होने का खतरा बना रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द होना पहला चरण है। उनके मुताबिक, CBI जांच और दोषियों पर निर्णायक कार्रवाई ही छात्रों के संघर्ष की वास्तविक जीत होगी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच की मांग
JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। एक ओर सरकार के फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्रों में राहत और खुशी की बात सामने आई है, वहीं विपक्ष परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में केवल परीक्षा रद्द करने तक सीमित रहती है या छात्रों और विपक्ष की मांग के अनुरूप कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच को लेकर भी कोई बड़ा कदम उठाती है।
