JSSC-CGL विवाद: छात्रों की मांगों पर सरकार की पहल तेज, 90 दिन में जांच पूरी करने का प्रयास
झारखंड में JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से परीक्षा सुधार और जांच प्रक्रिया को लेकर नई पहल की जानकारी सामने आई है। कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट के जरिए बताया कि छात्रों की मांगों को लेकर दो दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है और आज तीसरे दौर की वार्ता।
प्रमुख बातें
- छात्रों की मांगों को लेकर दो दौर की वार्ता पूरी होने का दावा।
- आज तीसरे दौर की वार्ता।
- JSSC-CGL समेत अन्य परीक्षाओं की जांच और नियुक्ति प्रक्रिया पर चर्चा।
- TDPL परीक्षाओं की CID जांच की बात।
- वित्तीय अनियमितता मिलने पर ED जांच का आग्रह।
- JSSC-CGL जांच की न्यायिक निगरानी का प्रयास।
- जांच 90 दिनों में पूरी कर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए न्याय दिलाने की बात।
- पेपर लीक और परीक्षा में हेरफेर रोकने के लिए व्यापक परीक्षा सुधार का प्रस्ताव।
कांग्रेस कार्यालय में हुई अहम बैठक
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के साझा किए गए विवरण के मुताबिक, रांची स्थित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में छात्रों के मुद्दों और परीक्षा सुधार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सह-प्रभारी, कांग्रेस विधायक दल के नेता और मंत्रिमंडल के सहयोगी मौजूद रहे।
बैठक में छात्रों की मांगों, भर्ती परीक्षाओं की जांच और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उपायों पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।

JSSC-CGL जांच की न्यायिक निगरानी पर जोर
साझा पोस्ट के अनुसार, JSSC-CGL जांच को न्यायिक निगरानी में कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा कराने और इसके बाद फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को न्याय के दायरे में लाने का प्रयास करने की बात कही गई है।
हालांकि, यह अभी सरकार की ओर से साझा किया गया प्रस्ताव/प्रयास है। जांच की वास्तविक समयसीमा, न्यायिक निगरानी की व्यवस्था और फास्ट-ट्रैक कोर्ट से संबंधित प्रक्रिया को लेकर औपचारिक आदेश या अधिसूचना की जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।
TDPL परीक्षाओं की CID जांच, ED जांच का भी आग्रह
मंत्री द्वारा साझा जानकारी में TDPL परीक्षाओं की जांच CID से कराने की बात कही गई है। वहीं, यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से भी जांच का आग्रह करने की बात कही गई है।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी
सरकार की पहल का एक अहम हिस्सा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़ा है। साझा पोस्ट के मुताबिक, पेपर लीक और परीक्षा में हेरफेर जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नई परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर काम किया जाएगा।
इसके लिए IIT, IIM, XLRI और XISS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को सुधार समिति में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।

छात्रों और अन्य हितधारकों से भी लिए जाएंगे सुझाव
नई परीक्षा व्यवस्था तैयार करने में केवल विशेषज्ञों की राय ही नहीं, बल्कि छात्रों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों, मीडिया और अन्य हितधारकों के सुझाव लेने की बात भी कही गई है। इसका उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना बताया गया है, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जाए।
तीसरे दौर की बातचीत पर नजर
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत के दो दौर पूरे होने का दावा किया गया है। अब तीसरे दौर की वार्ता को अहम माना जा रहा है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत में किन मुद्दों पर सहमति बनती है और सरकार छात्रों की लंबित मांगों पर किस तरह का ठोस निर्णय लेती है।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के साझा संदेश में कहा गया है कि संवाद जारी है और समाधान का प्रयास भी जारी है। सरकार की ओर से छात्रों के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है।
नोट: इस खबर में जांच की समयसीमा, न्यायिक निगरानी, ED जांच के आग्रह और परीक्षा सुधार समिति से संबंधित बातें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर दी गई हैं। इन्हें वर्तमान में घोषित पहल/प्रस्ताव के रूप में समझा जाना चाहिए, अंतिम कानूनी या प्रशासनिक निर्णय के रूप में नहीं।
