Jharkhand Breaking: ‘बबलू मिश्रा कौन?’—BJP का बड़ा हमला, इंजीनियरों को धमकाने के आरोप पर High-Level Probe की मांग
प्रमुख बिंदु
- BJP ने उठाया बड़ा सवाल—“बबलू मिश्रा को संरक्षण कौन दे रहा है?”
- सरकारी अभियंताओं को धमकाने, गाली-गलौज और ठेके दिलाने के आरोप
- कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और पत्र की फॉरेंसिक जांच की मांग
- बाबूलाल मरांडी के संज्ञान के बाद ही हरकत में आए अधिकारी—BJP का आरोप
- JMM-कांग्रेस पर “भ्रष्टाचार मॉडल” चलाने का गंभीर आरोप
मामला क्या है: BJP ने उठाए गंभीर सवाल
झारखंड की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेसवार्ता कर ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाया है। पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया कि “बबलू मिश्रा” नाम का व्यक्ति सरकारी अभियंताओं को खुलेआम धमका रहा है, अपमानित कर रहा है और अपने पसंदीदा ठेकेदारों को काम दिलाने में हस्तक्षेप कर रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह व्यक्ति कौन है और उसे किसका संरक्षण प्राप्त है।
कॉल रिकॉर्ड और CCTV जांच की मांग
अजय साह ने इस मामले में गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल सतही कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। उन्होंने मांग की कि:
- बबलू मिश्रा और उसके परिवार के सदस्यों के कॉल रिकॉर्ड की जांच हो
- उसके स्टाफ और पीए के फोन डेटा की भी पड़ताल हो
- ग्रामीण विकास कार्यालय में उसके आने-जाने के CCTV फुटेज खंगाले जाएं
उनका कहना है कि इससे पूरे नेटवर्क और प्रभाव का खुलासा हो सकेगा।
11 दिन तक चुप्पी क्यों? उठे सवाल
BJP प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जिस पत्र को मुख्य अभियंता, अभियंता प्रमुख और विभागीय सचिव को भेजा गया, उस पर 11 दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह चुप्पी संदेह पैदा करती है और यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं मामले को दबाने की कोशिश हो रही थी। उनका दावा है कि जब बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को उठाया, तब जाकर अधिकारी सक्रिय हुए।
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फॉरेंसिक जांच की मांग, ‘लीपापोती’ का आरोप
अजय साह ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की सक्रियता निष्पक्ष जांच के लिए नहीं बल्कि मामले की “लीपापोती” के लिए थी। उन्होंने संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच की मांग की ताकि उसकी सत्यता सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पत्रों में “बबलू मिश्रा” का नाम आने से उसकी भूमिका की जांच अनिवार्य हो जाती है।
JMM-कांग्रेस पर सीधा हमला
BJP ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देते हुए JMM-कांग्रेस गठबंधन पर तीखा हमला बोला। अजय साह ने आरोप लगाया कि झारखंड में “जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” का मॉडल चल रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि:
- वीरेंद्र राम को गंभीर आरोपों के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया
- आलमगीर आलम को जेल में रहने के बावजूद पार्टी में स्थान दिया गया
“भ्रष्टाचार का मॉडल आज भी जारी”—BJP
अजय साह ने कहा कि भले ही ये दोनों नेता अभी सीधे तौर पर सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार का मॉडल आज भी विभाग में जारी है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी मौजूद थे।
