Jharkhand Police Training 2026: थानेदारों के लिए नई ट्रेनिंग, Public Behaviour से Zero FIR तक सख्त निर्देश
प्रमुख बिंदु
- झारखंड के सभी थाना/ओपी प्रभारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
- 9 सत्रों में 05 से 29 मई 2026 तक कार्यक्रम तय
- Public Behaviour, Media SOPs, BNSS कानून और Zero FIR पर फोकस
- रांची स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजन
- DGP ने किया उद्घाटन, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए व्यावहारिक टिप्स
झारखंड में पुलिसिंग सुधार की बड़ी पहल
झारखंड में पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सभी जिलों के थाना एवं ओपी प्रभारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रांची स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजित हो रहा है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाना, जनता के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करना और त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है।
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9 सत्रों में होगा प्रशिक्षण, तय हुई तारीखें
राज्य की विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण को अलग-अलग बैच में आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण तिथियां:
05, 07, 11, 14, 18, 21, 25, 28 और 29 मई 2026
इन 9 सत्रों में सभी जिलों के थाना/ओपी प्रभारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्य बाधित न हो और सभी को अवसर मिल सके।
किन-किन विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण?
इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को आधुनिक कानून और व्यवहारिक पुलिसिंग से जुड़े अहम विषयों पर ट्रेनिंग दी जा रही है:
- Police Behaviour with Public (जनता के साथ व्यवहार)
- SOPs related to Media Briefing
- BNSS के तहत महिला एवं बच्चों से जुड़े अनिवार्य प्रावधान
- Search & Seizure से जुड़े नियम
- FSL टीम से संबंधित प्रावधान
- Prosecution संबंधित प्रक्रियाएं
- CCTNS Capsule Courses
- General Diary (GD) लाइन
- BNSS के अनुसार टाइमलाइन
- Zero FIR
- E-Sakshya
यह प्रशिक्षण नए आपराधिक कानून (BNSS) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देता है।
DGP ने किया उद्घाटन, कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम का उद्घाटन 05 मई 2026 को हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड की पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती तदाशा मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- ए. विजयालक्ष्मी (IG Training)
- अनूप बिरथरे (IG STF)
- इन्द्रजीत माहथा (DIG STF)
- संजीव कुमार (DIG SIB)
- कार्तिक एस. (DIG JAP)
- सुरेन्द्र झा (DIG Personnel)
- संध्या रानी मेहता (DIG Budget)
- नौशाद आलम (DIG Vigilance)
- चन्दन कुमार झा (DIG CID)
- प्रियदर्शी आलोक (DIG Rail)
- अजय कुमार सिन्हा (SP ITS)
इन सभी अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अपने अनुभव साझा करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए।
पुलिस-जनता संबंध सुधार पर खास फोकस
इस प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है।
अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि:
- जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें
- हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो
- जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो
BNSS और डिजिटल पुलिसिंग पर जोर
नए कानून BNSS के तहत पुलिस अधिकारियों को अपडेट करना इस प्रशिक्षण का अहम हिस्सा है।
Zero FIR, E-Sakshya और CCTNS जैसे डिजिटल टूल्स के उपयोग से जांच प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाने पर जोर दिया गया है।
