West Bengal Election Jairam Mahto

Jairam Mahto को बंगाल में बड़ा झटका, दोनों सीटों पर हार तय

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बंगाल में नहीं चला जयराम महतो का जादू

JLKM की एंट्री के बावजूद Junglemahal में नहीं बना असर, दोनों सीटों पर करारी पिछड़न

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में झारखंड के डुमरी विधायक Jairam Mahto की पार्टी Jharkhand Loktantrik Krantikari Morcha (JLKM) को बड़ा झटका लगा है। जिस एंट्री को सियासी गेमचेंजर माना जा रहा था, वह नतीजों में असर नहीं दिखा पाई।

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बाघमुंडी और जॉयपुर में भारी पिछड़ाव

दोनों सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति कमजोर, मुकाबले से लगभग बाहर

JLKM ने Junglemahal क्षेत्र की कुर्मी बहुल सीटों—बाघमुंडी और जॉयपुर—पर खास फोकस किया था। हालांकि, नतीजों में पार्टी के उम्मीदवार पीछे रह गए।

  • बाघमुंडी: मनोज कुमार महतो भारी अंतर से ट्रेलिंग
  • जॉयपुर: दिव्यज्योति सिंह देव भी बड़ी मार्जिन से पीछे

इन दोनों सीटों पर शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया कि मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सिमट गया।

Junglemahal में फेल हुआ ‘Kurmi Card’

जातीय समीकरण साधने की कोशिश सफल नहीं, वोट में नहीं बदला समर्थन

जयराम महतो ने चुनाव से पहले Purulia और Jhargram में कई जनसभाएं की थीं। पार्टी को उम्मीद थी कि कुर्मी वोट बैंक के सहारे वह मजबूत उपस्थिति दर्ज करेगी।
लेकिन नतीजों ने इस रणनीति को खारिज कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय मतदाताओं ने बाहरी राजनीतिक विकल्प को प्राथमिकता नहीं दी।

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तीसरी ताकत बनने का सपना टूटा

BJP–TMC की सीधी टक्कर में JLKM नहीं बना फैक्टर

शुरुआती चर्चा थी कि JLKM 9–10 सीटों पर चुनाव लड़कर Junglemahal में समीकरण बिगाड़ सकती है। हालांकि, नतीजों में पार्टी तीसरी ताकत के रूप में भी उभरने में नाकाम रही।
इस चुनाव ने साफ कर दिया कि बंगाल की राजनीति में अभी भी मुख्य मुकाबला भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच ही केंद्रित है।

आगे की रणनीति पर सवाल

क्या बंगाल में विस्तार का प्लान अब बदलेगा?

इस परिणाम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या JLKM अपनी रणनीति में बदलाव करेगी या बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए तरीके अपनाएगी।
फिलहाल, यह साफ है कि 2026 का चुनाव जयराम महतो के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुआ है।

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