मुख्य बिंदु:
हेमंत सोरेन ने सिकल सेल मरीजों से किया सीधा संवाद
स्क्रीनिंग बढ़ाने, हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने और दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश: किसी मरीज को न हो इलाज में परेशानी
यूनिसेफ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जताई प्रतिबद्धता
हेल्थ काउंसलर की भूमिका को बताया अहम
विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस पर सीएम ने की पहल
विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिकल सेल रोग से प्रभावित युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोगियों को बेहतर इलाज और अच्छा जीवन देने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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सभी के सामूहिक प्रयासों से ही होगा सिकल सेल का उन्मूलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बीमारी से लड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। सरकार न केवल इलाज की व्यवस्था कर रही है बल्कि जन जागरूकता बढ़ाने पर भी ज़ोर दे रही है ताकि आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित जीवन दिया जा सके।
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स्क्रीनिंग को लेकर सीएम का विशेष फोकस
हेमंत सोरेन ने सिकल सेल की समय पर पहचान को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बीमारी की पहचान न होने के कारण यह अगली पीढ़ी में भी फैल सकती है। इसलिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग से लेकर सभी वर्गों के लोगों की जांच पर ज़ोर दिया जा रहा है।
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हेल्थ प्रोफाइल से मिलेगा बीमारी पर नियंत्रण
सरकार हेल्थ प्रोफाइल तैयार कर रही है जिससे यह जानना आसान हो सकेगा कि राज्य में किन बीमारियों के कितने मरीज हैं और उनका इलाज कितना प्रभावी रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाए।
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इलाज और जांच में न हो कोई बाधा
सीएम ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए कि सिकल सेल के मरीजों के लिए जांच, दवाइयां और रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
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हेल्थ काउंसलर को मिले ट्रेनिंग और संसाधन
उन्होंने कहा कि आनुवंशिक बीमारियों की पहचान और काउंसलिंग में हेल्थ काउंसलर की अहम भूमिका होती है। इसलिए उन्हें जरूरी ट्रेनिंग और किट्स मुहैया कराना जरूरी है।
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सीधे संवाद में उभरी समस्याएं, सीएम ने दिए समाधान के संकेत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिकल सेल से पीड़ित युवाओं जैसे आतिया कौशर, स्नेहा तिर्की, सान्या परवीन और अब्दुल हकीम अंसारी से बातचीत की। एक युवती ने बताया कि बीमारी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान खोजा जाएगा और पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
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यूनिसेफ की सहभागिता भी सराहनीय
कार्यक्रम में यूनिसेफ झारखंड प्रमुख डॉ कनीनिका मित्र, संचार विशेषज्ञ आस्था अलंग, और यूनिसेफ हेल्थ ऑफिसर डॉ वनेश माथुर भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
