सीता सोरेन का सरकार पर सवाल : “नगड़ी की जमीन पर क्यों RIMS-2?”
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की पूर्व विधायक और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बहु सीता सोरेन ने सोशल मीडिया पर सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि रांची के नगड़ी इलाके की जिस जमीन को दिवंगत शिबू सोरेन ने खेती और हरियाली के लिए सुरक्षित रखने की बात कही थी, उसी जमीन पर अब सरकार RIMS-2 अस्पताल बनाने की तैयारी कर रही है।

सीता सोरेन ने याद दिलाया कि वर्ष 2012 में शिबू सोरेन ने नगड़ी की जनता से कहा था— “यह धरती खेतों और हरियाली के लिए बनी है, किसी ढांचे या कंक्रीट के जंगल के लिए नहीं।” उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ उस समय आवाज उठाई थी।
पूर्व विधायक ने कहा कि बाबा (शिबू सोरेन) के निधन को अभी एक महीना भी नहीं हुआ और उनकी नीतियों व सिद्धांतों से समझौता किया जा रहा है।

संथाल परगना को क्यों नहीं RIMS-2?
सीता सोरेन ने कहा कि वास्तव में RIMS-2 अस्पताल की सबसे बड़ी ज़रूरत संथाल परगना में है, क्योंकि वहां के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब भी घंटों सफर कर रांची, धनबाद या बंगाल जाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए रांची में पहले से ही बड़ी जमीन उपलब्ध है, तो नगड़ी की उपजाऊ खेती योग्य जमीन पर ही RIMS-2 क्यों बनाने की जिद हो रही है?
उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार सचमुच दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देना चाहती है, तो उसे RIMS-2 का निर्माण संथाल परगना में करना चाहिए। “जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहीं गुरुजी के नाम पर अस्पताल बनाकर ही सरकार अपनी सच्ची निष्ठा और श्रद्धांजलि साबित कर सकती है।”
सीता सोरेन का बयान झारखंड में एक बार फिर RIMS-2 को लेकर बहस तेज कर सकता है।
