अमित शाह के “वनवासी” बयान पर झारखंड में विरोध तेज, रांची में कल पुतला दहन
दिल्ली में आयोजित जनजातीय संस्कृति समागम कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah द्वारा “वनवासी” शब्द के इस्तेमाल के बाद झारखंड में आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है। विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इसे आदिवासी समाज की पहचान और संस्कृति पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
“आदिवासी पहचान मिटाने की कोशिश” का आरोप
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि “आदिवासी” शब्द केवल एक नाम नहीं बल्कि उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। संगठनों का कहना है कि बार-बार “वनवासी” शब्द का प्रयोग कर आदिवासी समाज की मूल पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठनों के नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन से जुड़ी अपनी परंपराओं और संस्कृति के साथ सदियों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है, जिसे बदलने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
रांची में कल पुतला दहन और प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर 26 मई 2026 को राजधानी रांची में बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। आदिवासी संगठनों द्वारा अल्बर्ट एक्का चौक पर शाम 5:30 बजे पुतला दहन कार्यक्रम रखा गया है।
इसके पहले शाम 5 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम से जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार
इस विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक शब्द के खिलाफ नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए है।
अब सभी की नजरें रांची में होने वाले इस प्रदर्शन और उसके राजनीतिक प्रभाव पर टिकी हैं।
