JPSC JSSC मंच को झारखंडी युवा का करारा जवाब! ‘सिस्टम इग्नोर मोड में है तो…’
झारखंड में अफसरशाही को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस ने अब नया मोड़ ले लिया है। JPSC JSSC Reform Manch ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए अधिकारियों की कथित कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। मंच की इस पोस्ट पर ‘Shanu’ नाम से एक्स अकाउंट चलाने वाले एक झारखंडी युवा ने ऐसा जवाब दिया, जिसने बहस का रुख ही बदल दिया।
JPSC JSSC मंच ने अफसरशाही पर उठाए सवाल
JPSC JSSC Reform Manch ने एक्स पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए लिखा कि झारखंड में अफसरशाही के हजारों किस्सों में यह सबसे अनोखा मामला है।
मंच का आरोप था कि मुख्यमंत्री जब किसी जिला प्रशासन, पुलिस या सरकारी एजेंसी को टैग करके कोई सवाल पूछते हैं या निर्देश देते हैं, तो कई बार कोई जवाब नहीं आता।
पोस्ट में तंज करते हुए कहा गया कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सक्रिय हैं, लेकिन पूरा सिस्टम ही ‘इग्नोर मोड’ में दिखाई दे रहा है।
मंच ने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री को ही अधिकारी इग्नोर कर रहे हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी? साथ ही मुख्यमंत्री से मामले पर संज्ञान लेने की अपील की गई।
चंपाई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार से पूछा- कोयला इतना महंगा क्यों?
झारखंडी युवा ने दिया सीधा पलटवार
JPSC JSSC मंच की इस पोस्ट पर ‘Shanu’ नाम के एक युवा यूजर ने जवाब देते हुए लिखा—‘ठीक है, सिस्टम इग्नोर मोड में है?’
इसके बाद उन्होंने JBVNL का उदाहरण देते हुए कहा कि संबंधित अकाउंट वर्ष 2021 से चल ही नहीं रहा है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि वहां भी सहायता पहुंच गई होगी।
युवा का यह जवाब मंच की पोस्ट में उठाए गए ‘इग्नोर मोड’ के तर्क पर सीधा सवाल खड़ा करता नजर आया।
‘अन्य राज्य होता तो शिकायत करने वाले को ही…’
युवा की प्रतिक्रिया का सबसे तीखा हिस्सा उनका अगला तंज था। उन्होंने लिखा कि किसी अन्य राज्य में ऐसा मामला होता तो शिकायत करने वाले को ही ‘देशद्रोही’ का टैग दे दिया जाता।
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक माहौल पर भी कटाक्ष किया।
आमने-सामने दिखे दो अलग नजरिए
सोशल मीडिया पर सामने आई इन दोनों पोस्ट में मुद्दा भले ही अफसरशाही और सरकारी जवाबदेही का है, लेकिन दोनों का नजरिया अलग दिखाई देता है।
JPSC JSSC Reform Manch ने मुख्यमंत्री को टैग कर अधिकारियों की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया, जबकि झारखंडी युवा ने उसी तर्क को दूसरे उदाहरण के साथ चुनौती देते हुए मंच को जवाब दिया।
अब सोशल मीडिया पर इस बहस का दिलचस्प पहलू यही है कि एक तरफ मंच सिस्टम को ‘इग्नोर मोड’ बता रहा है, तो दूसरी तरफ युवा उसी दावे पर सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल, यह सोशल मीडिया बहस है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर आगे कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, यह देखना होगा।
