सिरोम टोली रैम्प- आदिवासी संगठनों ने CM आवास घेराव की दी चेतावनी.

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सिरोम टोली रैम्प हटाने को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान, आदिवासी समाज में आक्रोश


मुख्य बिंदु-

  1. सिरोम टोली रैम्प हटाने को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा

  2. आदिवासी समाज ने हेमंत सोरेन सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाए

  3. 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का निर्णय

  4. मुख्यमंत्री आवास घेराव और सवाल-जवाब की तैयारी

  5. आदिवासी नेताओं ने प्रेस वार्ता कर आंदोलन की रणनीति बताई

  6. खिजरी विधायक राजेश कच्छप के प्रयासों को भी नजरअंदाज किया गया

  7. भारी पुलिस बल की तैनाती और आदिवासी समाज को बैठक से रोका गया


संवाददाता सम्मेलन में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

रांची– आज दिनांक 26 अप्रैल 2025 को केंद्रीय सरना स्थल सिरोम टोली बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में नगड़ा टोली स्थित सरना भवन में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान मोर्चा ने सिरोम टोली रैम्प हटाने की मांग को लेकर पूरे झारखंड में आंदोलन छेड़ने की घोषणा की।

मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और आदिवासियों की धार्मिक तथा सांस्कृतिक भावनाओं को पूरी तरह से अनदेखा कर रही है।

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झारखंड में आदिवासी संगठनों का आंदोलन तेज

सिरोम टोली रैम्प निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद

संवाददाता सम्मेलन में यह बताया गया कि 24 अप्रैल की रात को एलएनटी कंपनी और जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ सिरोम टोली में जबरन रैम्प निर्माण कार्य शुरू कराया। विरोध करने पर महिलाओं और युवाओं को बलपूर्वक हटाया गया।

25 अप्रैल को आपात बैठक के दौरान भी भारी बैरिकेडिंग कर आदिवासी समाज को सभा स्थल तक पहुंचने से रोका गया। पुलिस ने गांव के रास्तों को भी बंद कर दिया और जितने लोग पहुंचे थे, उन्हें भी जबरन हटाया गया।

सिरोम टोली बचाओ मोर्चाआदिवासी समाज प्रदर्शन
आदिवासी समाज का हेमंत सरकार को अल्टीमेटम

विधायक राजेश कच्छप की अपील भी अनसुनी

खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने भी आदिवासी समाज की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री से वार्ता कर रैम्प निर्माण रोकने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने विधायक के निर्देशों की अवहेलना करते हुए रैम्प का निर्माण कार्य और तेज कर दिया। इससे आदिवासी समाज में और अधिक आक्रोश फैल गया है।

आंदोलन की रणनीति: चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन

मोर्चा ने आंदोलन की आगामी रणनीति की भी घोषणा की, जिसमें शामिल हैं:

  1. 27 अप्रैल 2025 को शाम 4 बजे झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों और गांवों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन।

  2. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक मुद्दों पर जवाब मांगना।

  3. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शहीद अल्बर्ट एक्का चौक तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करना।

कई संगठनों के नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में आदिवासी समाज से जुड़े कई प्रमुख नेता और संगठन शामिल हुए, जिनमें शामिल थे:

  • गीताश्री उरांव (पूर्व मंत्री, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष)

  • पवन तिर्की (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)

  • प्रेम शाही मुंडा (आदिवासी जन परिषद अध्यक्ष)

  • कुन्दरसी मुंडा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)

  • निरंजना हेरेंज टोप्पो (जय आदिवासी परिषद अध्यक्ष)

  • राहुल तिर्की, संगीता कच्छप, रवि मुंडा, सूरज टोप्पो, आकाश तिर्की

  • फूलचंद तिर्की, संजय तिर्की, अरविंद उरांव, संदीप तिर्की, मनोज मुंडा सहित कई अन्य आंदोलनकारी।

इन सभी ने सरकार की कार्यशैली की कड़ी निंदा करते हुए सिरोम टोली रैम्प हटाने की मांग दोहराई।

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