झारखंड में 26001 शिक्षकों की बहाली के लिए आज से परीक्षा ली जा रही है। 27 से 30 अप्रैल के बीच हिंदी पेपर की परीक्षा होनी है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा ली जाने वाली इस परीक्षा के लिए रांची, धनबाद समेत कई जिलों में केंद्र बनाए गए हैं।
आचार संहिता के बीच में हो रही इस चुनाव को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है। हालांकि, इसकी बात बाद में करेंगे। पहले यह जानिए की परीक्षा से एक दिन पहले सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के दफ्तर पहुंचे। इन लोगों की शिकायत थी कि, इनका एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो रहा है। शिकायत करने पर पता चला कि, इन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म जहां से भरा है। उसमें त्रुटि हुई है। हालांकि, परीक्षार्थियों ने कहा कि, कोई त्रुटि नहीं हुई है। यह सब आयोग की गलती का नतीजा है।
दरअसल 26001 शिक्षकों की बहाली में 50% पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित है लेकिन यह पारा शिक्षक चुनाव कार्य में भी लगे हुए हैं। या तो BLO के रूप में कार्यरत हैं या फिर ट्रेनर के रूप में। ऐसे में इन शिक्षकों के लिए परीक्षा में बैठना मुश्किल है। लिहाजा, पारा शिक्षकों के विभिन्न संघों ने इस बाबत चुनाव आयोग और कर्मचारी चयन आयोग को सूचित किया। जिसके बाद बाकी विषयों के परीक्षा को स्थगित करके सिर्फ हिंदी की परीक्षा ली जा रही है। हालांकि, उस हिंदी की परीक्षा में भी बड़ी संख्या में पारा शिक्षक शामिल हो रहे हैं उनके सामने भी बड़ी परेशानी है।

NEWS MONITOR ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के दफ्तर पहुंचे परेशान परीक्षार्थियों से बात किया तो पता चला कि, वे लोग नहीं चाहते की इतनी जल्दबाजी में परीक्षा हो क्योंकि जल्दबाजी में जो परीक्षा होगी उसमें गड़बड़ी की आशंका बनी रहेगी जैसा कि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक का मामला सामने आया था।
भारी विरोध के बावजूद भी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग 26001 शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया को जारी रखे हुए है। बात अगर राजनीति की करें तो इस पर भाजपा के गोड्डा से विधायक अमित मंडल ने कहा कि, यह सिर्फ वोटरों को लुभाने की कोशिश है। चंपई सोरेन सरकार चाहती है इसका फायदा चुनाव में मिले। लिहाजा चुनाव आयोग को इस विषय को देखना चाहिए।
