बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया। प्रोटोकॉल के तहत ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया था।
पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi विशेष रूप से शामिल हुए। उनके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta समेत कई वरिष्ठ नेता समारोह में मौजूद रहे।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
इन नेताओं ने भी ली मंत्री पद की शपथ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया प्रमुख रहे।
अमित शाह ने किया था विधायक दल के नेता के नाम का ऐलान
8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे, जहां भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। शाह ने स्वयं उनके नाम की घोषणा की थी। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
15 साल बाद बंगाल में बदली सत्ता
पश्चिम Bengal विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों तक सिमट गई। इसके साथ ही राज्य में टीएमसी के 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया।
पीएम मोदी ने 97 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता का किया सम्मान
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक भावुक क्षण भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता माखनलाल सरकार को मंच पर सम्मानित किया। पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाया और सम्मान स्वरूप उनके चरण भी स्पर्श किए।
सिलीगुड़ी निवासी माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलन और भाजपा संगठन से जुड़े रहे माखनलाल सरकार का राजनीतिक और वैचारिक योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
