वित रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा 9 दिसंबर को करेगा प्रदर्शन तेज
रांची- झारखंड में वित रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मोर्चा ने घोषणा की है कि 9 दिसंबर 2025 को नए विधानसभा भवन के सामने एकदिवसीय महाधरना आयोजित किया जाएगा।
75% अनुदान वृद्धि और राज्यकर्मी दर्जा प्रमुख मांगें
मोर्चा की दो प्रमुख मांगें हैं—
• 75% अनुदान वृद्धि
• राज्यकर्मी का दर्जा देने का निर्णय लंबित रहने पर आपत्ति
इन्हीं मुद्दों को लेकर मोर्चा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान प्रपत्र भरने का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
राज्यभर में समर्थन जुटाने का अभियान जारी
मोर्चा के नेता वर्तमान में राज्य के विभिन्न इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों में दौरा कर शिक्षकों से समर्थन जुटा रहे हैं। जिलों से लेकर महाविद्यालयों के स्तर तक शिक्षक प्रतिनिधि लगातार आंदोलन को मजबूत करने में जुटे हैं।
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विधानसभा सत्र के दौरान रणनीतिक प्रदर्शन
9 दिसंबर को विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े प्रश्नों की चर्चा निर्धारित है। इसी को देखते हुए मोर्चा ने यह तारीख चुनी है, ताकि अपनी मांगों को सीधे सदन तक पहुंचाया जा सके। विधानसभा का सत्र इस बार पांच दिवसीय है और मोर्चा लगातार कोशिश कर रहा है कि उसकी मांगों को सत्र के दौरान उठाया जाए।
शिक्षकों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
मोर्चा ने राज्यभर के
• इंटरमीडिएट कॉलेज
• उच्च विद्यालय
• संस्कृत विद्यालय
• मदरसा विद्यालय
के प्राचार्यों, शिक्षकों, प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
धरने का समय निर्धारित
मोर्चा द्वारा आयोजित महाधरना 09 दिसंबर 2025 को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक नए विधानसभा परिसर के सामने आयोजित किया जाएगा।
मोर्चा नेताओं का निवेदन
कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, चंदेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, अरविंद सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, गणेश महतो, संजय कुमार, नरोत्तम सिंह, अनिल तिवारी, मनोज तिर्की, विनय उरांव, रेशमा बेक, बिरसो उरांव, रणजीत मिश्रा, रघु विश्वकर्मा, मनोज कुमार, मुरारी सिंह सहित मोर्चा के सभी सदस्यों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक शिक्षक भागीदारी की अपील की है।
