करम महोत्सव में शामिल हुए जयराम महतो, बोले- संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी
डुमरी विधायक जयराम महतो ने बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के पतरातू स्थित तेलियातू में आयोजित करम महोत्सव में हिस्सा लिया। उन्होंने करम पर्व को झारखंड की प्रकृति, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए लोगों को शुभकामनाएं दीं।
प्रमुख बातें
- तेलियातू में आयोजित करम महोत्सव में शामिल हुए जयराम महतो
- ढोल-नगाड़ों के साथ झारखंडी गीत और नृत्य की हुई प्रस्तुति
- करम पर्व को प्रकृति और झारखंडी संस्कृति का प्रतीक बताया
- युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा पर ध्यान देने की अपील
- भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण पर दिया जोर
- सामाजिक एकजुटता के जरिए अधिकारों की लड़ाई मजबूत करने की बात कही
ढोल-नगाड़ों के बीच झारखंडी गीत और नृत्य
BKSS के बैनर तले आयोजित करम महोत्सव के क्रम में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गोला, चितरपुर और दुलमी के बाद बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के पतरातू स्थित तेलियातू में कार्यक्रम आयोजित किया गया। महोत्सव के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच झारखंडी गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं।
जयराम महतो ने कहा कि करम महोत्सव प्रकृति और झारखंडी संस्कृति का प्रतीक है। करम पर्व में बहनें अपने भाई, पति और बच्चों की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं, करम पर्व में जावा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
संस्कृति और परंपरा को नहीं भूलने की अपील
जयराम महतो ने लोगों से झारखंड के पर्व-त्योहारों, भाषा, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग जहां भी रहें, उन्हें अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाषा, संस्कृति और परंपरा का संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अपनी संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए लोगों ने जिस एकजुटता का परिचय दिया है, उसे आगे भी बनाए रखने की जरूरत है।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
कार्यक्रम के दौरान जयराम महतो ने युवाओं से नशे से दूर रहने और पढ़ाई-लिखाई के साथ अपने बेहतर भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज कई युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और उन्हें इससे बचाना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
एकजुटता से अधिकारों की लड़ाई होगी मजबूत
जयराम महतो ने सामाजिक एकजुटता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकजुटता के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती दे सकता है। उन्होंने लोगों से अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के साथ सामाजिक एकता को भी बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों को करम पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
