सारंडा में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेताओं के खिलाफ सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान तेज
मुख्य बिंदु
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सारंडा में मिसिर बेसरा समेत शीर्ष नक्सली नेताओं की मौजूदगी की पुख्ता सूचना
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सुरक्षा बलों ने 4 मार्च से शुरू किया सीमावर्ती जंगलों में विशेष अभियान
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12 मई को नक्सलियों ने लगाया IED, झारखंड जगुआर का बम निरोधक जवान घायल
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हेलीकॉप्टर से घायल जवान को रांची भेजा गया, स्थिति स्थिर
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अभियान में CRPF, झारखंड जगुआर और कोबरा की संयुक्त भागीदारी
सारंडा में सक्रिय हैं शीर्ष माओवादी नेता
झारखंड के चाईबासा जिला अंतर्गत सारंडा और कोल्हान के जंगलों में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा.क.पा. (माओवादी) के शीर्ष नेता – मिसिर बेसरा, अनमोल, असीम मंडल, जयकांत, अमित हांसदा उर्फ अपटन सहित कई अन्य—अपने दस्तों के साथ विध्वंसक गतिविधियों की तैयारी में जुटे हैं।
विश्वस्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने शुरू किया अभियान
इन्हीं खतरों को ध्यान में रखते हुए, 4 मार्च 2025 से चाईबासा पुलिस, कोबरा 203 व 209 बटालियन, झारखंड जगुआर, और CRPF की 6 बटालियन के साथ एक विशेष संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान छोटानागरा और जराईकेला थाना क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ियों में केंद्रित है।
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12 मई को नक्सलियों ने IED विस्फोट किया
हालांकि, अभियान के दौरान 12 मई 2025 को लगभग 10:45 पूर्वाह्न में छोटानागरा थाना अंतर्गत कुलापाबुरू, दलाईगढ़ा और मरांगपोंगा के जंगली क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए पहले से लगाए गए IED विस्फोट को अंजाम दिया गया।
झारखंड जगुआर का जवान घायल, हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया
इस विस्फोट की चपेट में आकर झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते के आरक्षी 101 मनोज कुमार दमाई घायल हो गए। हालाँकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घायल जवान को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर से रांची रेफर किया गया।
अभियान जारी, नक्सलियों पर दबाव बनाने की रणनीति
इस घटना के बाद भी अभियान की रफ्तार धीमी नहीं हुई है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और उन्हें पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
झारखंड पुलिस मुख्यालय और CRPF सेक्टर मुख्यालय रांची से लगातार तकनीकी और रणनीतिक सहयोग मिल रहा है।
