रांची से रिपोर्ट:
झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच Jharkhand Mukti Morcha ने संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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संगठन मजबूती पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में संगठन की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बूथ, पंचायत, वार्ड, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर और महानगर कमेटियों को भी अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया।
SIR और जनगणना पर चर्चा
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और आगामी जनगणना को लेकर विस्तृत मंथन हुआ। नेताओं ने माना कि जनगणना केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
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वंचित वर्गों के अधिकारों पर जोर
झामुमो नेताओं ने आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग की सही गणना सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें और उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
भाजपा पर आरोप, सियासत गरम
बैठक में SIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए किसी भी वर्ग के लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
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कार्यकर्ताओं के लिए विशेष अभियान
झामुमो ने आने वाले दिनों में संगठन स्तर पर विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके तहत कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची, जनगणना और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए तैयार किया जाएगा।
दो दिवसीय बैठक का पहला दिन सम्पन्न
बैठक के पहले दिन साहेबगंज, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, गुमला, खुंटी और सिमडेगा जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। दूसरे दिन अन्य जिलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी।
निष्कर्ष:
झामुमो ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वह संगठन और जनसरोकार दोनों मोर्चों पर अधिक आक्रामक रणनीति अपनाएगी, जिससे झारखंड की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
