प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना को मिली नई मंजूरी, 6520 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान; बाबूलाल मरांडी ने बताया ऐतिहासिक कदम
रांची, 01 अगस्त 2025- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत 15वें वित्त आयोग चक्र के लिए कुल 6520 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान को स्वीकृति दी है। इसमें 1920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी शामिल है। इस अहम निर्णय को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया और इसे किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया।
बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा?
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण को लेकर जो संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया गया है, उसका असर अब नीतियों में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। उन्होंने लिखा—
“जिनको पिछली सरकारें उपेक्षा के भाव से देखती थीं, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वे सरकार की नीतियों का केंद्र हैं। नित नई किसान-कल्याणकारी योजनाओं से किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।”
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क्या है इस योजना की प्रमुख बातें?
20–30 लाख मीट्रिक टन खाद्य संरक्षण क्षमता विकसित होगी, जिससे राज्यों को कृषि उत्पादों के भंडारण और संरक्षण में मदद मिलेगी।
100 प्राइवेट फूड टेस्टिंग लैब्स की स्थापना की जाएगी, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलेंगे।
कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन ढांचे को मजबूती मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
खाद्य परीक्षण सुविधाएं बेहतर होने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत का ब्रांड वैल्यू वैश्विक बाजार में मजबूत होगा।
निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
किसानों के लिए लाभकारी
इस योजना से कृषि उत्पादक राज्यों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। खाद्य प्रसंस्करण ढांचा मजबूत होने से न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि उत्पादन से लाभ का अनुपात भी बढ़ेगा। योजना के तहत किसानों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं के बीच एक प्रभावशाली आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के बजट में इस महत्वपूर्ण वृद्धि को केंद्र सरकार की किसान हितैषी सोच का प्रमाण माना जा रहा है। बाबूलाल मरांडी सहित कई भाजपा नेताओं ने इसे ‘न्यू इंडिया के किसानों की नई दिशा’ बताया है।
