शेरशाहबादी समाज की बड़ी जीत, अब मिलेगा जाति प्रमाण पत्र!

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23 दिनों बाद समाप्त हुआ शेरशाहबादी आंदोलन, एक माह में होगी जांच; रिपोर्ट के आधार पर जाति प्रमाण पत्र पर निर्णय

बरहरवा में 23 दिनों तक चला महाधरना समाप्त

साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग को लेकर पिछले 23 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन महाधरना मंगलवार को समाप्त हो गया। आंदोलन के 23वें दिन पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, राजमहल विधायक एमटी राजा और राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) सदानंद महतो धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ लंबी वार्ता की।

कई दौर की बातचीत के बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिसके आधार पर आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।

शेरशाहबादी समुदाय ने रखी अलग पहचान की मांग

वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि शेख और शेरशाहबादी दो अलग-अलग सामाजिक एवं जातीय पहचान रखने वाले समुदाय हैं। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के खतियान में “शेख” दर्ज होने के बावजूद रहन-सहन, खान-पान, भाषा, सामाजिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर शेरशाहबादी समुदाय की अलग पहचान है।

आंदोलनकारियों ने यह भी दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में इसी आधार पर शेरशाहबादी समुदाय को अलग जातीय पहचान के साथ जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

एक माह में जांच पूरी करेगी जिला स्तरीय टीम

बैठक में यह सहमति बनी कि जिला प्रशासन की ओर से एक जिला स्तरीय जांच टीम गठित की जाएगी। यह टीम एक महीने के भीतर साहिबगंज और पाकुड़ जिले के शेरशाहबादी बहुल गांवों का दौरा करेगी।

जांच टीम समुदाय के सामाजिक ढांचे, भाषा, खान-पान, रहन-सहन, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक पहचान का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद रिपोर्ट कार्मिक विभाग को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार कैबिनेट के माध्यम से जाति निर्धारण संबंधी संकल्प में संशोधन पर निर्णय ले सकती है।

“यह सिर्फ प्रमाण पत्र नहीं, भविष्य का सवाल” – आलमगीर आलम

पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह मामला केवल जाति प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों छात्र-युवाओं के भविष्य और एक समुदाय की पहचान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार इस दिशा में सकारात्मक पहल करेगी।

विधायक एमटी राजा ने जताई उम्मीद

राजमहल विधायक एमटी राजा ने कहा कि शेरशाहबादी समुदाय लंबे समय से अपने अधिकार और पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। अब प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू हुई है और उम्मीद है कि जल्द इसका स्थायी समाधान निकलेगा।

पारदर्शी होगी जांच प्रक्रिया : एसडीएम

राजमहल एसडीएम सदानंद महतो ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। समुदाय के सभी पक्षों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।

आंदोलनकारियों ने दी चेतावनी

धरना समाप्ति के बाद आंदोलनकारियों में खुशी का माहौल देखा गया। हालांकि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो समाज फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।

छात्र-युवा से लेकर महिलाओं तक की रही भागीदारी

गौरतलब है कि शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर 23 दिनों तक लगातार आंदोलन चला। तेज गर्मी और बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग धरनास्थल पर डटे रहे। आंदोलन को कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन भी मिला।

मौके पर मो. इश्तियाक, आजमाइल शेख, तोफाइल शेख, मास्टर मूसा, शकील अहमद, महमूद आलम, अतिकूर रहमान, फहीम शेख, नूर नबी, सोलेमान शेख, मो. आसिफ, शाहीन अख्तर, वसीम अकरम सहित सैकड़ों आंदोलनकारी मौजूद रहे।

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