JTET नियमावली पर विवाद तेज: भाषाओं को शामिल किए बिना आवेदन प्रक्रिया रोकने की मांग
मुख्य बातें
- JTET नियमावली में Bhojpuri, Magahi और Angika को शामिल न करने पर विवाद
- छात्र नेता राहुल कुमार ने आवेदन प्रक्रिया रोकने की उठाई मांग
- वित्त मंत्री की गैरमौजूदगी पर भी उठे सवाल
- Palamu समेत कई क्षेत्रों के छात्रों में नाराजगी
भाषा विवाद ने पकड़ा तूल
झारखंड में JTET (Jharkhand Teacher Eligibility Test) की नई नियमावली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। Bhojpuri, Magahi और Angika जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को नियमावली में शामिल नहीं किए जाने से छात्रों और युवा संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है।
आवेदन प्रक्रिया रोकने की मांग
छात्र नेता Rahul Kumar ने सरकार से स्पष्ट रूप से मांग की है कि जब तक इन तीनों भाषाओं को JTET नियमावली में शामिल नहीं किया जाता, तब तक आवेदन प्रक्रिया को स्थगित किया जाए। उनका कहना है कि बिना संशोधन के प्रक्रिया शुरू करना छात्रों के साथ अन्याय होगा।
वित्त मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल
राहुल कुमार ने कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore की अनुपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री की गैरमौजूदगी के बीच ही यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिससे पूरे निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व पर जोर
छात्र नेता का कहना है कि Palamu प्रमंडल सहित कई क्षेत्रों में Bhojpuri, Magahi और Angika बचपन से ही बोली जाती हैं। ऐसे में इन भाषाओं को नजरअंदाज करना स्थानीय छात्रों के अधिकारों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय भाषाओं को उचित स्थान मिलना चाहिए।
सरकार पर बढ़ता दबाव
इस पूरे विवाद के बाद सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। यदि जल्द ही इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में छात्र संगठनों द्वारा बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
